MSP Wheat Procurement: राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि (Rajasthan Wheat Procurement) बढ़ाने का फैसला किया है। अब किसान 19 जून 2026 तक अपनी गेहूं की फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर बेच सकेंगे। पहले खरीद की अवधि इससे पहले समाप्त होने वाली थी, लेकिन कई किसानों का गेहूं अभी तक नहीं बिक पाया था। ऐसे में राज्य सरकार ने खरीद अवधि बढ़ाकर किसानों को अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया फैसला
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार यह निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर लिया गया है। यह व्यवस्था रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत लागू की गई है। सरकार का कहना है कि जिन किसानों ने पंजीकरण करा रखा है और किसी कारणवश अभी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं, वे अब 19 जून तक समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे।
गेहूं खरीद का लक्ष्य भी बढ़ाया गया
राज्य सरकार ने केवल खरीद अवधि ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि गेहूं खरीद के लक्ष्य में भी बड़ा इजाफा किया है। पहले राज्य में 23.50 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। किसानों की अच्छी आवक और बढ़ती खरीद को देखते हुए अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 28.50 लाख टन कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि लक्ष्य बढ़ाने से अधिक किसानों को अपनी उपज उचित मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा और खरीद प्रक्रिया भी सुचारु रूप से जारी रह सकेगी।
तीन लाख से अधिक किसानों से हुई खरीद
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक राज्यभर में तीन लाख से अधिक किसानों से 25.90 लाख टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस वर्ष किसानों ने बड़ी मात्रा में अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेची है। खरीद लक्ष्य बढ़ाने के बाद आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।
एमएसपी के साथ मिल रहा बोनस
राजस्थान सरकार किसानों को केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा अतिरिक्त बोनस भी दे रही है। इस वर्ष गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रही है। इस तरह किसानों को प्रति क्विंटल गेहूं पर कुल 2,735 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
एजेंसियों को दिए गए विशेष निर्देश
राज्य सरकार ने खरीद कार्य में लगी सभी संबंधित एजेंसियों और विभागों को निर्देश दिए हैं कि गेहूं खरीद का काम तय लक्ष्यों के अनुसार जारी रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को खरीद केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी या असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
