Multi Variety Mango Farming : आम को फलों का राजा कहा जाता है और भारत में इसकी कई लोकप्रिय किस्में उगाई जाती हैं। आमतौर पर किसान अलग-अलग किस्मों के आम के लिए अलग-अलग पेड़ लगाते हैं, लेकिन अब आधुनिक बागवानी तकनीकों की मदद से एक ही पेड़ पर कई किस्मों के आम उगाना (Mango Farming) संभव हो गया है। अगर किसी किसान के पास जमीन कम है या वह अपने बगीचे में ज्यादा वैरायटी के आम लगाना चाहता है, तो ग्राफ्टिंग यानी कलम बांधने की तकनीक उसके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। इस तकनीक के जरिए एक ही आम के पेड़ पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अमरपाली और अन्य लोकप्रिय किस्मों के फल प्राप्त किए जा सकते हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।
क्या होता है मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री?
मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री ऐसा पेड़ होता है, जिस पर एक साथ कई किस्मों के आम लगते हैं। इसके लिए सबसे पहले एक मजबूत, स्वस्थ और अच्छी वृद्धि वाले आम के पेड़ का चयन किया जाता है। इसके बाद दूसरी किस्मों के आम की टहनियों को इस पेड़ की शाखाओं पर विशेष तकनीक से जोड़ा जाता है। कुछ समय बाद ये टहनियां मूल पेड़ के साथ जुड़ जाती हैं और उसी का हिस्सा बन जाती हैं। जब पेड़ पूरी तरह विकसित हो जाता है, तो उसकी अलग-अलग शाखाओं पर अलग-अलग किस्मों के आम लगने लगते हैं। इस तरह एक ही पेड़ किसानों को कई तरह के स्वाद, आकार और रंग वाले आम उपलब्ध कराता है।
ग्राफ्टिंग तकनीक कैसे काम करती है?
एक ही पेड़ पर विभिन्न किस्मों के आम उगाने के लिए ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह बागवानी की एक पुरानी लेकिन बेहद प्रभावी विधि है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले एक स्वस्थ आम के पेड़ की मजबूत शाखा का चयन किया जाता है। इसके बाद जिस किस्म का आम उगाना हो, उसकी एक स्वस्थ टहनी ली जाती है। इस टहनी को सावधानीपूर्वक चुनी गई शाखा के साथ जोड़ा जाता है। दोनों हिस्सों को जोड़ने के बाद उस स्थान को विशेष टेप या पॉलीथीन से अच्छी तरह बांध दिया जाता है, ताकि वहां हवा और पानी का सीधा प्रभाव न पड़े। इससे दोनों हिस्सों के ऊतक आपस में जुड़ने लगते हैं। करीब 30 से 45 दिनों के भीतर कलम सफलतापूर्वक जुड़ जाती है और नई पत्तियां निकलने लगती हैं। इसके बाद वह टहनी अपनी मूल किस्म के अनुसार फल देना शुरू कर देती है। इसी प्रक्रिया को अलग-अलग शाखाओं पर दोहराकर कई किस्मों को एक ही पेड़ में जोड़ा जा सकता है।
किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है यह तकनीक?
ग्राफ्टिंग के जरिए मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री तैयार करने से किसानों को कई तरह के लाभ मिलते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही पेड़ से कई प्रकार के आम प्राप्त किए जा सकते हैं। इससे बगीचे में जगह की बचत होती है और कम भूमि में अधिक उत्पादन लेना संभव हो जाता है। इसके अलावा अलग-अलग किस्मों के आम अलग-अलग समय पर पकते हैं। इसका मतलब यह है कि किसानों को लंबे समय तक बाजार में आम बेचने का अवसर मिलता है। जब एक किस्म का सीजन खत्म होने लगता है, तब दूसरी किस्म के फल तैयार होने लगते हैं। इससे बाजार में लगातार आपूर्ति बनी रहती है और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
बढ़ेगी आय और बगीचे की उत्पादकता
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री न केवल बगीचे की उत्पादकता बढ़ाता है बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा करता है। कम जगह में अधिक किस्मों का उत्पादन होने से खेती अधिक लाभदायक बनती है। साथ ही उपभोक्ताओं को भी एक ही बगीचे से विभिन्न स्वाद और गुणवत्ता वाले आम उपलब्ध हो जाते हैं। यही कारण है कि आज कई किसान और बागवान इस तकनीक को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। ग्राफ्टिंग तकनीक आधुनिक बागवानी का एक सफल प्रयोग मानी जा रही है। सही तरीके से कलम लगाकर किसान एक ही आम के पेड़ को कई किस्मों के फलों से भर सकते हैं और अपनी खेती को अधिक लाभदायक बना सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, अगर आप ग्राफ्टिंग तकनीक से मल्टी वैरायटी मैंगो ट्री लगाना चाहते हैं तो कृषि एक्सपर्ट्स से संपर्क करें।)
