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Fertilizer Shortage: अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसानी से नहीं मिल रहे खाद, क्या करे किसान? कृषि मंत्री ने बताए रास्ते

Fertilizer Shortage: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरक संकट के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से जैविक खेती अपनाने, नकली खाद रोकने और मौसम बदलाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरक खरीदना बना चुनौती, किसानों से जैविक खेती अपनाने की अपील (तस्वीर-X)

Fertilizer Shortage : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरक खरीदना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। उन्होंने माना कि दुनिया भर में सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण भारत को भी उर्वरक जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने राज्यों और किसानों से अपील की कि वे रासायनिक उर्वरकों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय जैविक खेती को तेजी से अपनाएं।

भुवनेश्वर सम्मेलन में किसानों के मुद्दों पर चर्चा

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक भुवनेश्वर में आयोजित पूर्वी क्षेत्र कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की जरूरतों को समझते हुए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार दुनिया के उन सभी देशों और बाजारों से उर्वरक खरीदने की कोशिश कर रही है जहां यह उपलब्ध है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। सम्मेलन में Mohan Charan Majhi, Ram Nath Thakur, Bhagirath Choudhary और कई राज्यों के कृषि मंत्री भी मौजूद रहे। इस दौरान खेती, मौसम, बीज, उर्वरक और किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

सब्सिडी वाले उर्वरकों के गलत इस्तेमाल पर चिंता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में उर्वरकों की कमी को देखते हुए उनका सही उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्यों से कहा कि सब्सिडी वाले उर्वरकों का गलत इस्तेमाल रोका जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों के लिए भेजी गई खाद किसी दूसरे क्षेत्र या गलत काम में इस्तेमाल न हो। उन्होंने नकली और खराब गुणवत्ता वाले उर्वरकों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ऐसे उर्वरक किसानों की फसलों और जमीन दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने राज्यों से निर्देश दिया कि जहां भी नकली खाद या खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलें, वहां तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

उर्वरक सब्सिडी के लिए 41 हजार करोड़ रुपये मंजूर

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को राहत देने के लिए लगातार आर्थिक सहायता दे रही है। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा उर्वरक सब्सिडी के लिए 41 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों पर खेती की लागत का बोझ कम करना और उन्हें जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी जरूरी कदम उठाती रहेगी।

जैविक खेती को भविष्य के लिए जरूरी बताया

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन के कम से कम एक हिस्से में जैविक खेती शुरू करें। उन्होंने कहा कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, इसलिए आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की सेहत बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचता है। साथ ही इससे किसानों को बेहतर और सुरक्षित उत्पादन मिल सकता है।

अच्छे बीज और कीटनाशकों के लिए आएंगे नए कानून

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार अच्छी गुणवत्ता के बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दो नए विधेयक लाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसानों को केवल प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद ही मिलें, ताकि उनकी फसल सुरक्षित रहे और उत्पादन बढ़ सके।

अल नीनो के असर को लेकर सतर्क रहने की सलाह

मंत्री ने इस साल खेती पर अल नीनो के संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अनुमान के अनुसार फसल के मौसम के बीच में बारिश कम हो सकती है। ऐसे में किसानों को ऐसी फसलें बोने की सलाह दी जानी चाहिए जिन पर कम बारिश का ज्यादा असर न पड़े। उन्होंने कृषि विभागों और वैज्ञानिकों से किसानों को समय रहते सही जानकारी और सलाह देने की अपील की।

एक जून से चलेगा ‘खेत बचाओ अभियान’

किसानों को नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार एक जून से 15 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाएगी। इस अभियान के जरिए किसानों को आधुनिक खेती, मौसम की जानकारी, फसल सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि नई तकनीकों और सही जानकारी से किसान खेती में होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं और अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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