Indian Fertilizer Stock : केंद्र सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि देश में उर्वरकों का पर्याप्त (Fertilizer availability) भंडार मौजूद है और आने वाले खरीफ सीजन में खाद की कमी नहीं होगी। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा उर्वरक खरीदने से बचें। सरकार का कहना है कि देश में यूरिया, डीएपी और अन्य जरूरी उर्वरकों की उपलब्धता सामान्य से बेहतर स्थिति में है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार की नजर
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सोमवार को पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को लेकर एक अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि सरकार लगातार हालात की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत घरेलू उत्पादन के साथ-साथ जरूरत के मुताबिक विदेशों से भी उर्वरकों का आयात कर रहा है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
उर्वरकों के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं
सरकार ने साफ किया है कि प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। किसानों को पहले की तरह ही तय कीमत पर उर्वरक मिलते रहेंगे। सरकार ने कहा कि बाजार में कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह भी सुनिश्चित कर रही हैं कि कहीं जमाखोरी या कालाबाजारी न हो। उर्वरकों का गलत इस्तेमाल रोकने और जरूरतमंद किसानों तक सही मात्रा में खाद पहुंचाने के लिए राज्यों को निर्देश दिए गए हैं।
जरूरत से ज्यादा है खाद का भंडार
उर्वरक विभाग के अनुसार खरीफ 2026 के लिए कृषि विभाग ने जितनी जरूरत का अनुमान लगाया है, उसके मुकाबले देश में अभी 51 प्रतिशत से ज्यादा भंडार मौजूद है। सामान्य तौर पर यह स्तर करीब 33 प्रतिशत माना जाता है। यानी इस समय देश में सामान्य से काफी अधिक खाद उपलब्ध है। सरकार के अनुसार खरीफ 2026 के लिए कुल उर्वरक आवश्यकता 390.54 लाख टन आंकी गई है। इसके मुकाबले मौजूदा भंडार काफी मजबूत स्थिति में है। अधिकारियों ने कहा कि भारत की उर्वरक सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनी हुई है।
घरेलू उत्पादन और आयात दोनों पर जोर
सरकार ने बताया कि हाल के महीनों में घरेलू स्तर पर उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाया गया है। संकट काल के बाद देश में 76.78 लाख टन उर्वरकों का उत्पादन हुआ है, जबकि 19.94 लाख टन उर्वरकों का आयात किया गया है। इस तरह कुल मिलाकर करीब 97 लाख टन उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ी है। सरकार ने कई जरूरी उर्वरकों की विदेशों से आपूर्ति भी सुनिश्चित कर ली है। भारत ने वैश्विक बाजार से सात लाख टन एनपीके कॉम्प्लेक्स सुरक्षित किया है। इसके अलावा 12 लाख टन डीएपी, चार लाख टन ट्रिपल सुपर फॉस्फेट और तीन लाख टन अमोनियम सल्फेट की व्यवस्था भी की गई है। सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से अगले 15 से 20 दिनों में शुरू होने वाले सबसे ज्यादा मांग वाले समय में भी किसानों को आसानी से खाद मिलती रहेगी।
हर हफ्ते हो रही स्थिति की समीक्षा
उर्वरक विभाग ने बताया कि सचिवों का एक अधिकार प्राप्त समूह हर सप्ताह पूरे हालात की समीक्षा कर रहा है। सरकार लगातार उत्पादन, आयात, सप्लाई और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी राज्य में उर्वरकों की कमी न होने पाए। पिछले सप्ताह विभाग ने जानकारी दी थी कि मार्च और अप्रैल के दौरान देश में कुल 67.76 लाख टन उर्वरकों का घरेलू उत्पादन हुआ। इसमें 40.72 लाख टन यूरिया, 5.39 लाख टन डीएपी, 13.65 लाख टन एनपीके और आठ लाख टन एसएसपी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि खरीफ सीजन के लिए देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है।
