तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं के यूनिवर्सिटी में पढ़ने पर बैन लगा दिया है। मुल्क में प्राइवेट और पब्लिक (सार्वजनिक) विश्वविद्यालयों में लड़कियों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अगली सूचना आने तक यह प्रतिबंध अमल में रहेगा। यह जानकारी मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को यह जानकारी समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस (एपी) को तालिबान सरकार के एक प्रवक्ता की ओर से दी गई।
दरअसल, तालिबान सरकार की एक बैठक के बाद इस फैसले का ऐलान किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जियाउल्लाह हाशमी की ओर से शेयर किए लेटर में निजी और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को प्रतिबंध जल्द से जल्द लागू करने और प्रतिबंध लगाने के बाद मंत्रालय को सूचित करने को कहा है। हाशमी ने अपने पत्र को ट्वीट भी किया और एपी को एक संदेश में इसकी सामग्री की पुष्टि की।
चूंकि, तालिबान साल 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में शासन कर चुका है और तब वहां औरतों की स्थिति बेहद हैरान और परेशान करने वाली थी। वहां तक उन्हें स्कूल और कॉलेज जाने की इजाजत नहीं थी। बताया जाता है कि साल 2000 में अफगानिस्तान में एक भी बच्ची स्कूल नहीं जाती थी, जबकि नन्ही-नन्ही बच्चियों को बुर्का पहनना पड़ता था। ऐसा करना उनके लिए जरूरी था।
औरतें तब ऊंची हील भी नहीं पहन पाती थीं। पर्दे को लेकर नियम इतने कड़े थे कि उन्हें किसी बात तक नहीं की जाने दी जाती थी। यही नहीं, न्यूज पेपर, बुक्स और शॉप्स पर औरतों के फोटो तक लगाने की अनुमति नहीं थी। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता था, तो उसे कड़ी सजा दी जाती थी।
