अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साल 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की काफी उम्मीद थी, उन्होंने कई बार खुले मन से इसकी दावेदारी भी जताई थी, लेकिन ट्रंप को इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला, ट्रंप की जगह मारिया कोरिना माचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला। अब ट्रंप के लिए साल 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दावेदारी की जाने लगी है। हमास-इजराइल डील के बाद ट्रंप आज इजराइल में हैं और वहीं पर इजराइली नेता ने इस पर ट्रंप की तरफ से दावेदारी करने और कैंपेन करने का वादा किया है।
ट्रंप को मिले नोबेल शांति पुरस्कार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को उनके संबोधन से पहले इजराइली संसद नेसेट के अध्यक्ष, अमीर ओहाना ने कहा- “राष्ट्रपति महोदय, शांति को बढ़ावा देने के आपके प्रयासों के लिए आप किसी भी अन्य व्यक्ति से ज्यादा सर्वोच्च सम्मान के पात्र हैं। हम घोषणा करते हैं कि हम अगले वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आपकी उम्मीदवारी प्रस्तुत करने के लिए दुनिया भर के वक्ताओं और सांसदों को एकजुट करेंगे…”
ट्रंप का इजराइल दौरा
अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम और बंधकों को रिहा करने के समझौते को समर्थन जताने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को इजराइल पहुंचे। ट्रंप ने घोषणा की कि इस समझौते ने युद्ध को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है तथा इसने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के द्वार खोल दिए हैं। जैसे ही ट्रंप ‘एयरफोर्स वन’ (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान) से उतरे, वाहनों का एक काफिला हमास द्वारा समझौते के तहत रिहा किए गए पहले बंधकों को लेकर इजराइल पहुंचा। इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य बैंड की धुन के बीच ट्रंप का स्वागत किया। तेल अवीव के ‘होस्टेजेज स्क्वायर’ में भीड़ ने ट्रंप के स्वागत में नारे लगाए। दो साल के युद्ध के दौरान ‘होस्टेजेज स्क्वायर’ प्रदर्शनों का केंद्र रहा।
