US Israel Relations: अमेरिका और इजरायल के संबंधों में अब काले बादल छाने लगे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू सरकार को जमीनी हकीकत को समझना होगा।
व्हाइट हाउस में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान वेंस ने कहा कि अमेरिका इजरायल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है, लेकिन नेतन्याहू सरकार को जमीनी हकीकत को समझना होगा और शांति प्रक्रिया के महत्व को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
US-इजरायल के रिश्तों में आई खटास?
उन्होंने कहा कि इजरायल को ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो उसके सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सहयोगी अमेरिका के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वेंस की इस टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती दूरी और नीतिगत मतभेदों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वेंस की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के स्थायी समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए, और अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के एक रिसॉर्ज में शुक्रवार को शुरुआती बातचीत होने वाली है।
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'ट्रंप इजरायल के सबसे मजबूत समर्थक'
वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप वैश्विक मंच पर इजरायल के सबसे मजबूत समर्थक बने हुए हैं। उन्होंने कहा, ''ट्रंप इस समय पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसे राष्ट्रध्यक्ष हैं, जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं।'' उन्होंने आगे कहा कि अगर मैं इजरायली मंत्रिमंडल में होता तो शायद मैं दुनिया में बचे अपने एकलौते शक्तिशाली सहयोगी पर हमला नहीं कर रहा होता।
वेंस ने कहा कि पिछले तीन महीनों में इजरायल की सुरक्षा मुहैया करने वाले दो-तिहाई हथियार अमेरिकी निर्मित थे और अमेरिकी टैक्सपेयर्स द्वारा वित्त पोषित किए गए थे। उन्होंने कहा, ''इजरायल के लिए ट्रंप समस्या नहीं हैं और इजरायल में जो भी यह सोचता है कि उनकी सबसे बड़ी समस्या अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, उन्हें वास्तविकता समझने की जरूरत है।''
