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वेनेजुएला में क्यों और कैसे आए एक साथ दो बड़े भूकंप? पढ़ें- 'अर्थक्वेक डबलेट' के पीछे की साइंस

Twin Earthquakes Venezuela: वेनेजुएला में आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के जुड़वां भूकंपों ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। जानिए क्या होता है 'अर्थक्वेक डबलेट' और क्यों वेनेजुएला में मची यह तबाही।

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वेनेजुएला में क्यों और कैसे आए एक साथ दो बड़े भूकंप? पढ़ें- 'अर्थक्वेक डबलेट' के पीछे की साइंस

Venezuela Earthquake Doublet: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने न केवल जमीन को हिलाकर रख दिया है, बल्कि दुनिया भर के भूवैज्ञानिकों और भूकंप विज्ञानियों को भी हैरत में डाल दिया है। भारतीय समयानुसार तड़के 3:30 बजे के ठीक बाद वेनेजुएला में एक के बाद एक (जुड़वां) बेहद शक्तिशाली भूकंप आए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 और 7.5 मापी गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, दोनों बड़े झटकों के बीच सिर्फ 39 सेकंड का फासला था। इस दुर्लभ घटना को विज्ञान में 'अर्थक्वेक डबलेट' (Earthquake Doublet) कहा जाता है, जो सदियों में एकाध बार ही देखने को मिलती है।

क्या होता है 'अर्थक्वेक डबलेट' और यह इतना खतरनाक क्यों है?

सामान्य तौर पर जब कहीं भूकंप आता है, तो एक बहुत बड़ा मुख्य झटका लगता है और उसके बाद कई दिनों तक छोटे-छोटे झटके (Aftershocks) आते हैं। लेकिन 'अर्थक्वेक डबलेट' में ऐसा नहीं होता। इसमें लगभग एक ही तीव्रता के दो बड़े भूकंप कुछ ही सेकंड या मिनटों के अंतराल पर आते हैं।

वेनेजुएला के मामले में, पहला झटका (7.1 तीव्रता) राजधानी कैराकास से 168 किलोमीटर दूर मोरोन शहर के पास सतह से महज 13 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया। इसके ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहले भूकंप के कारण जो भारी दबाव रिलीज हुआ, उसने तुरंत पास की दूसरी फॉल्ट लाइन को ट्रिगर कर दिया, जिससे दूसरा महा-भूकंप आ गया। चूंकि दोनों ही स्वतंत्र झटके थे, इसलिए तबाही का पैमाना दोगुना हो गया।

वेनेजुएला में आए भूकंप में अब तक 32 की मौत

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वेनेजुएला में क्यों बार-बार आते हैं ऐसे भूकंप?

वेनेजुएला भौगोलिक रूप से दक्षिण अमेरिका के सबसे खतरनाक और सक्रिय टेक्टोनिक जोन पर बसा हुआ है। यहाँ 'कैरिबियन टेक्टोनिक प्लेट' और 'साउथ अमेरिकन प्लेट' आपस में टकराती और एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं। कैरिबियन प्लेट हर साल लगभग दो सेंटीमीटर की रफ्तार से पूर्व की ओर बढ़ रही है।

इस मूवमेंट के कारण उत्तरी वेनेजुएला में कई बड़ी फॉल्ट लाइन्स (दरारें) बन चुकी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

-मोरोन फॉल्ट जोन (Moron Fault Zone): जहां यह होलियाना भूकंप आया।

-सैन सेबेस्टियन फॉल्ट (San Sebastian Fault): जो कैराकास के तटीय इलाकों से गुजरती है।

-बोकोनो और अल पिलर फॉल्ट (Bocono & El Pilar Faults): जो एंडीज पहाड़ियों तक फैली हैं।

ये सभी फॉल्ट्स आपस में जुड़े हुए हैं। जब सदियों का दबा हुआ तनाव अचानक से इन फॉल्ट्स से रिलीज होता है, तो वेनेजुएला की धरती इस तरह कांप उठती है।

आगे क्या? वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी

USGS और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आपदा अभी टली नहीं है। 'अर्थक्वेक डबलेट' के बाद प्रभावित क्षेत्र में और अधिक शक्तिशाली आफ्टरशॉक्स आने का जोखिम बहुत बढ़ जाता है, क्योंकि एक साथ कई फॉल्ट्स डिस्टर्ब हो चुके हैं। अनुमान है कि अगले 24 घंटों में 4 या उससे अधिक तीव्रता के कम से कम 26 आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं, जिनमें से कम से कम एक के 5 तीव्रता से अधिक होने की 89% संभावना है।

इंजीनियरों और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट किया गया है, क्योंकि जो इमारतें पहले दो झटकों में कमजोर या जर्जर हो चुकी हैं, वे इन आफ्टरशॉक्स के छोटे से झटके से भी जमींदोज हो सकती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना एक चेतावनी है कि इस पूरे कैरिबियन-साउथ अमेरिकन रीजन में भविष्य में 8 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है, जिसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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