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जब धरती कांपी तो दहल गई दुनिया: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने याद दिला दिए इतिहास के वो 10 महा-भूकंप

Top 10 Strongest Earthquakes: वेनेजुएला में पिछले 100 सालों में देश का सबसे बड़ा भूकंप आया है, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। मरने वालों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकती है।

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जब धरती कांपी तो दहल गई दुनिया: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने याद दिला दिए इतिहास के वो 10 महा-भूकंप (AP)

Venezuela Earthquake 2026: वेनेजुएला में बुधवार शाम को आए दो लगातार शक्तिशाली भूकंपों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। 7.1 और 7.5 तीव्रता के इन झटकों ने राजधानी कैराकास में इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया है। यूएसजीएस (USGS) के मुताबिक, यह पिछले 100 सालों में देश का सबसे बड़ा भूकंप है, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकती है।

वेनेजुएला का यह मंजर देखकर दुनिया को उन ऐतिहासिक भूकंपों की याद आ गई है, जिन्होंने मानव इतिहास को सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं। आइए जानते हैं दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली भूकंपों के बारे में:

दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली भूकंप (तीव्रता के आधार पर)

वैज्ञानिक रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक के 10 सबसे शक्तिशाली भूकंपों की सूची इस प्रकार है:

इतिहास के सबसे खतरनाक भूकंप

इतिहास के सबसे खतरनाक भूकंप

इन महा-भूकंपों ने कैसे बदला इतिहास?

-वलडीविया, चिली (1960): 9.5 तीव्रता वाला यह भूकंप अब तक का सबसे शक्तिशाली रिकॉर्ड है। इसमें 1,655 लोगों की जान गई थी, लेकिन 20 लाख लोग बेघर हो गए थे।

-ग्रेट अलास्का भूकंप (1964): 9.2 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने पूरे अलास्का को तहस-नहस कर दिया था। इसे 'गुड फ्राइडे अर्थक्वैक' भी कहा जाता है।

-सुमात्रा-अंडमान भूकंप (2004): तीव्रता में यह तीसरा था, लेकिन विनाश में नंबर 1। इसके बाद आई सुनामी ने 2.8 लाख से ज्यादा लोगों की जान ली, जिसका असर भारत तक देखा गया था।

-जापान का टोहोकू (2011): 9.1 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने न केवल 15,000 से ज्यादा लोगों की जान ली, बल्कि फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को तबाह कर दुनियाभर में परमाणु दहशत फैला दी।

-असम-तिब्बत भूकंप (1950): 8.6 तीव्रता का यह भूकंप भारत के अरुणाचल प्रदेश और असम के लिए किसी प्रलय से कम नहीं था, जिसमें 780 लोगों की जान गई थी।

सबसे 'जानलेवा' भूकंप: जब मौत का आंकड़ा लाखों में था

भूकंप की तीव्रता अलग बात है, लेकिन मौतों के मामले में कुछ भूकंप इतिहास के सबसे काले अध्याय हैं:

-1556 शान्शी भूकंप (चीन): यह मानव इतिहास का सबसे घातक भूकंप माना जाता है, जिसमें करीब 8.3 लाख लोगों की जान गई थी।

-1976 तांगशान भूकंप (चीन): इसमें 2.4 लाख से 6.5 लाख लोगों के मारे जाने का अनुमान है।

-1920 हैयुआन भूकंप (चीन): इसमें भी लगभग 2 लाख से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

क्यों खतरनाक हैं ऐसे भूकंप?

वैज्ञानिकों का कहना है कि वेनेजुएला में आए 7.5 तीव्रता के झटके इसलिए भी खतरनाक हैं क्योंकि उनका केंद्र (Epicenter) सतह से बहुत कम गहराई पर था (मात्र 10-22 किमी)। जब भूकंप का केंद्र सतह के करीब होता है, तो वह विनाशकारी साबित होता है।

वेनेजुएला में अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और पूरी दुनिया प्रार्थना कर रही है कि यह आंकड़ा अनुमान से कम रहे। कुदरत की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद हम इंसान प्रकृति के सामने कितने मजबूर हैं।

(नोट: उपरोक्त आंकड़े USGS और विभिन्न ऐतिहासिक रिपोर्टों पर आधारित हैं।)

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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