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ईरान पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी तेज, Pentagon ने CENTCOM को दिए निर्देश, कैंप डेविड में घंटों चली हाई-लेवल बैठक!

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप की नेशनल सिक्योरिटी टीम (राष्ट्रीय सुरक्षा टीम) की कैंप डेविड (Camp David) में एक बेहद महत्वपूर्ण और लंबी बैठक हुई।

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ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका

Iran US War: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े सीधे सैन्य टकराव की आशंका काफी गहरा गई है। अमेरिकी समाचार वेबसाइट Axios की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) ने यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य हमलों की तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमले को लेकर कोई अंतिम निर्णय या तारीख तय नहीं की है।

कैंप डेविड में घंटों चली हाई-लेवल बैठक

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप की नेशनल सिक्योरिटी टीम (राष्ट्रीय सुरक्षा टीम) की कैंप डेविड (Camp David) में एक बेहद महत्वपूर्ण और लंबी बैठक हुई। कई घंटों तक चली इस बैठक में ईरान के साथ जारी युद्ध, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और भावी सैन्य विकल्पों पर विस्तृत चर्चा की गई।

एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने Axios को बताया कि कैंप डेविड में हुई इस बैठक का एक बड़ा और मुख्य हिस्सा ईरान में बड़े पैमाने पर कॉम्बैट ऑपरेशन्स (सैन्य अभियानों) को दोबारा शुरू करने की संभावना पर केंद्रित था।

मिडटर्म चुनाव से पहले हमले की संभावना

अमेरिकी और इजरायली प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों से पहले भी ईरान पर हमला हो सकता है। सैन्य रणनीतिकारों का मानना है कि अगर नया सैन्य अभियान शुरू होता है, तो अमेरिका और इजरायल की संयुक्त या समन्वित कार्रवाई में ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।

निशाने पर हो सकते हैं ये प्रमुख ठिकाने

अगर यह संभावित सैन्य कार्रवाई शुरू होती है, तो इसके दायरे में ठिकाने आ सकते हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त या कमजोर करने के लिए उसके प्रमुख परमाणु केंद्रों पर सटीक हमले किए जा सकते हैं। इसके अलावा ईरान के तेल रिफाइनरी, गैस पाइपलाइन्स और प्रमुख ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है ताकि उसकी आर्थिक रीढ़ को तोड़ा जा सके। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमान सेंटर और मिसाइल लॉन्च पैड्स भी निशाने पर रहेंगे।

वैश्विक राजनीति पर गहरा सकता है असर

फिलहाल पेंटागन और वाशिंगटन की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन CENTCOM को दिए गए निर्देश और कैंप डेविड की बैठक से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपने सभी सैन्य विकल्प तैयार रख रहा है। यदि यह हमला होता है, तो इससे न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ेगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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