US drops 2,200-kg bunker buster bombs: अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी इलाके में उसके मिसाइल ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। खास बात यह है कि ये ठिकाने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब है। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड (2,200 किलोग्राम) के कई बम गिराए गए। सैन्य कमान ने अपने एक ट्वीट में कहा कि 'कुछ घंटे पहले, अमेरिकी बलों ने सफलतापूर्वक 5,000 पाउंड वजन वाले कई डीप-पेनेट्रेटर हथियारों का इस्तेमाल ईरान के तट पर किया। ये ठिकानें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के समीप हैं।
ईरान की मिसाइलें जहाजों के लिए खतरा-यूएस
X पर अपने पोस्ट में सेंट्रल कमांड ने कहा कि 'कुछ घंटे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब ईरान के तट पर मौजूद उसके मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए गए। अमेरिकी सेना ने जमीन के भीतर जाकर फटने वाले 5000 पाउंड वजनी कई बम गिराए। इन परमाणु संयंत्रों की एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बनी हुई हैं।'
इजराइल पर ईरान ने की मिसाइलों की बौछार
ईरान ने बुधवार को इजराइल की ओर मिसाइलों की बौछार की जिसके कारण देश के मध्य हिस्सों में सायरन बजने लगे और तेल अवीव में जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी। इजराइल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा 'मेगेन डेविड एडोम’ के अनुसार, तेल अवीव के पूर्व में स्थित रमात गन इलाके में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, सऊदी अरब, कुवैत और अन्य अरब देशों को भी बुधवार को ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन हमलों को हवाई रक्षा प्रणालियों ने बीच में ही रोक कर निष्क्रिय कर दिया।
'बासिज’ बल के ठिकानों पर हमले
इजराइल का कहना है कि ईरान के इन अधिकारियेां को ईरानी शासन को कमजोर करने के लिए मारा गया। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने मंगलवार को कहा कि अली लारीजानी और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी को रात में हमलों में 'मार गिराया गया।’ इजराइली सेना ने बताया कि तेहरान में 'बासिज’ बल के 10 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इन हत्याओं का उद्देश्य 'ईरान में शासन को कमजोर करना है ताकि ईरानी जनता को इसे हटाने का अवसर मिल सके।’
तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है
युद्ध शुरू होने के बाद से हालांकि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कोई संकेत नहीं मिले हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान का तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग- होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ में जरा भी ढील देने का कोई इरादा नहीं है। इस जलमार्ग से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
