दुनिया

भारत के 'जोरावर' से खौफजदा चीन तिब्बत में तैनात करने जा रहा बैटल टैंक! जानिए कितना खतरनाक है टाइप 99 बी वर्जन

चीन ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ाई में सक्षम अपने हल्के लड़ाकू टैंक ‘टाइप 99बी’ को अपग्रेड किया है। हांगकांग स्थित अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने आधिकारिक मीडिया की खबरों के हवाले से यह दावा किया है। चीन ने यह कदम भारत के हल्के लड़ाकू टैंक जोरावर को देखते हुए उठाया है। जोरावर को कफी उंचाई वाले क्षेत्रों खास कर चीनी सीमा पर तैनात करने के लिए बनाया जा रहा है।

चीन ने अपने लडाकू टैंक को किया अपग्रेड। (सांकेतिक तस्वीर)

चीन ने अपने लडाकू टैंक को किया अपग्रेड। (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : iStock

भारत के स्वदेशी लाइट टैंक ‘जोरावर’ ने ड्रैगन की परेशानी बढ़ा दी है। लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारतीय सेना की बढ़ती ताकत से चीन खौफजदा है। ऐसे में अब चीन तिब्बत में अपने बैटल टैंक तैनात करने की तैयारी कर रहा है। इस बाबत चीनी सेना ने अपने हल्के लड़ाकू टैंक को अपग्रेड किया है। चीनी सेना की यह कवायद साफ दिखाती है कि एलएसी पर भारत के सैन्य संतुलन को लेकर काफी दबाव में है।

चीन ने हल्के लड़ाकू टैंक ‘टाइप 99बी’ को किया अपग्रेड

चीन ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ाई में सक्षम अपने हल्के लड़ाकू टैंक ‘टाइप 99बी’ को उन्नत सूचना-आधारित कमान, संचार क्षमताओं और एकीकृत मारक क्षमता से लैस किया है। हांगकांग स्थित अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने आधिकारिक मीडिया की खबरों के हवाले से यह दावा किया है।

भारत ने किया जोरावर का अनावरण

उसकी रिपोर्ट में कहा है कि ड्रैगन ने यह कदम तब उठाया है, जब भारत ने उच्च ऊंचाई वाले इलाकों खास तौर पर चीनी सीमा पर युद्ध के लिए स्वदेशी रूप से विकसित हल्के टैंक जोरावर को अनावरण किया है। बता दें कि जोरावर टैंक का नामकरण डोगरा योद्धा जनरल जोरावर सिंह के नाम पर किया गया है। इसका वजन लगभग 25 टन है।

चीन ने 2017 में अपने हल्के टैंक के निर्माण की घोषणा की थी और इस साल सितंबर में बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड में इसे प्रदर्शित किया था। ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की खबर के अनुसार, चीन का ‘टाइप 99’ तीसरी पीढ़ी का मुख्य लड़ाकू टैंक है, जिसे अत्याधुनिक पश्चिमी टैंक से मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

125 मिलीमीटर की ऑटो-लोडर तोप

इस टैंक 125 मिलीमीटर की स्मूथबोर तोप लगी है, जो ऑटो-लोडर से लैस है और आर्मर-पियर्सिंग, हाई-एक्सप्लोसिव और गाइडेड मिसाइल फायर करने में सक्षम है। इसका उन्नत संस्करण काफी ऊंचाई वाले इलाकों और ठंडे मौसम में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया गया है। इस चीनी टैंक का वजन लगभग 55 टन है, जो भारत के जोरावर टैंक से अधिक है।

लेजर-आधारित काउंटरमेजर सिस्टम से भी लैस

सुरक्षा के लिहाज से टाइप-99 में कम्पोजिट आर्मर, एक्टिव और पैसिव प्रोटेक्शन सिस्टम, साथ ही लेजर वार्निंग रिसीवर और स्मोक ग्रेनेड सिस्टम दिए गए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में तो यह भी दावा किया जाता है कि इसमें लेजर-आधारित काउंटरमेजर सिस्टम भी मौजूद है, जो दुश्मन के टैंक या एंटी-टैंक हथियारों को भटकाने में मदद करता है।

1500 हॉर्सपावर का इंजन

चीन के टाइप 99 B टैंक की सबसे बड़ी ताकत उसका 1,500 हॉर्सपावर का इंजन है, जो उसे हाई-स्पीड मूवमेंट और तेज एक्सेलरेशन देता है। युद्ध प्रबंधन के लिए टाइप-99 में आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम, थर्मल इमेजिंग, नाइट-फाइटिंग क्षमता और डिजिटल बैटलफील्ड नेटवर्किंग की सुविधा दी गई है, जिससे यह हर मौसम और हर समय लड़ने में सक्षम बनता है।
शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

End of Article