नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद अब तक राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच यहां एक ईश्वरीय चमत्कार देखने को मिला है। यहां के नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में मलबे में दबी एक 60 साल की महिला को 10 दिन बाद जिंदा बचा लिया गया। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। बेहोशी की हालत में मिलने के बाद उसे हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया।
बचाई गई महिला की पहचान चंडिका श्रेष्ठ के रूप में हुई है। वह बिदुर नगरपालिका-10 स्थित अपने मकान में फंसी हुई थीं। बाढ़ और मलबे के कारण पूरा मकान दब गया था। राहत एवं बचाव दल को महिला के घर में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद अभियान चलाया गया।
नौ सदस्यीय टीम ने चलाया बचाव अभियान
सशस्त्र पुलिस बल की नौ सदस्यीय टीम ने मलबे में दबे मकान तक पहुंचकर महिला को बाहर निकाला। बचावकर्मियों ने उन्हें ऊपरी मंजिल से बेहोशी की हालत में बरामद किया। करीब दस दिनों तक मलबे के बीच फंसे रहने के बावजूद महिला का जीवित मिलना बचाव अभियान के लिए भी बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।रेस्क्यू के बाद चंडिका श्रेष्ठ को हेलीकॉप्टर से त्रिशूली स्थित नेपाली सेना की मैथिली बैरक ले जाया गया,जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से बताया गया कि जरूरत पड़ने पर महिला को आगे के इलाज के लिए काठमांडू लाया जाएगा।
बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नदी के निचले इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ के पानी के कारण हजारों घर,वाहन,सड़कें और पुल तक बह गए। कई इलाकों में बिजली और परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। इतना ही नहीं कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।
1,300 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों अब भी लापता
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत होने और करीब 5,000 लोगों के लापता होने की बात सामने आई है। उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों तथा गांवों में बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है।
