दुनिया

क्या ईरान युद्ध में पुतिन ने फेंका पासा? अमेरिका से कहा यूक्रेन को मदद बंद करो, मैं तेहरान से समर्थन ले लूंगा: रिपोर्ट

Iran War: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने पिछले हफ्ते मियामी में हुई एक बैठक में अपने अमेरिकी समकक्षों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को यह प्रस्ताव दिया कि वह यूक्रेन की मदद करना बंद करे।

Image

ईरान युद्ध में पुतिन ने फेंका पासा, अमेरिका से कहा यूक्रेन को मदद बंद करो, मैं तेहरान से समर्थन ले लूंगा

Russia-America News: क्या जंग में अपना फायदा देख रहा है रूस? एक रिपोर्ट सामने आई है, जो हैरान करती है। खबरों के मुताबिक, रूस ने अमेरिका से कहा कि वह यूक्रेन को मदद करना बंद कर दें, इसके बदले में वह तेहरान को दिया जा रहा सपोर्ट वापस ले लेगा। हालांकि, अमेरिका ने रूस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इस प्रस्ताव के तहत, अगर वॉशिंगटन यूक्रेन के साथ अपनी खुफिया जानकारी साझा करने वाली डील खत्म करने पर राजी हो जाता, तो रूस ईरान के साथ लोकेशन डेटा साझा करना बंद कर देता।

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट में फाइनेंशियल टाइम्स के हवाले से कहा गया, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने पिछले हफ्ते मियामी में हुई एक बैठक के दौरान अपने अमेरिकी समकक्षों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के सामने यह प्रस्ताव रखा था। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं है, जिसकी पुष्टि टाइम्स नाउ नवभारत भी नहीं करता है।

फर्जी है रिपोर्ट- रूस

हालांकि, पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस रिपोर्ट को फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह अमेरिका और रूस के बीच संबंधों को कमजोर करने के लिए प्रगति को नुकसान पहुंचाने वाला एक बड़ा फर्जी मीडिया अभियान है।

रूस ने ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने की कोशिश कैसे की है?

रूस ने बार-बार अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। पिछले हफ्ते, पुतिन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत में, ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने में मदद के लिए कई सुझाव दिए। क्रेमलिन ने कहा कि खाड़ी के देश इन सुझावों को मानने के लिए तैयार थे।

रिपोर्ट के अनुसार, उन सुझावों में ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को रूस भेजने का प्रस्ताव भी शामिल था। एक ऐसा विकल्प जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया। यह जानकारी Axios की रिपोर्ट से मिली है। अमेरिका और इजराइल के अधिकारियों का तर्क है कि तेहरान इस सामग्री का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है।

रूस ईरान की मदद कर रहा

खबरों के मुताबिक, रूस पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेनाओं की लोकेशन के बारे में ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है।

रूस तेहरान को ऐसी जानकारी दे रहा है जिससे उसकी सेनाओं को अमेरिकी जंगी जहाजों, रडार या दूसरे कम्युनिकेशन सिस्टम का पता लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं है कि मॉस्को सीधे तौर पर ईरानी मिसाइल या ड्रोन हमलों में मदद कर रहा है या नहीं।

रूस-ईरान सहयोग की विशेषज्ञ और पेरिस के साइंसेज पो (Sciences Po) में सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज की असिस्टेंट प्रोफेसर निकोल ग्राजेव्स्की के अनुसार, ईरान के पास सैन्य उपग्रहों की संख्या काफी सीमित है।

हालांकि, रूस अपने कहीं अधिक विशाल उपग्रह नेटवर्क और अन्य खुफिया स्रोतों से मदद कर सकता है, ताकि वह तेहरान को अमेरिकी सेनाओं के बारे में अधिक तेज और सटीक जानकारी उपलब्ध करा सके। साथ ही, ईरानी हवाई हमलों से हुए नुकसान का भी अधिक सटीक आकलन दे सके।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article