कंगाल पाकिस्तान चारों तरफ मदद की गुहार लगा रहा है। लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं। एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए की कीमत 262 है। आईएमएफ का कहना है कि आर्थिक संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान बाजार आधारित तंत्र को अपनाने की आवश्यकता है यानी सरकारी दखलंदाजी को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इन सबके बीच वहां से वित्त मंत्री इशाक डार ने आर्थिक संकट का सामना करने के लिए अल्लाह से गुहार लगाई है, हालांकि वो सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल हो रहे हैं।
बोले डार, भड़के लोग
पाकिस्तान में कहीं एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे डार ने कहा कि उनका देश इस्लाम के नाम पर बना है और इसे समृद्ध बनाना अल्लाह की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर बात सऊदी अरब की करें तो उसका गठन भी इस्लाम के नाम पर नहीं हुआ। लेकिन पाकिस्तान का निर्माण इस्लाम और अल्लाह के नाम पर हुआ। अब अल्लाह की जिम्मेदारी है कि वो मुल्क मुश्किल हालतों से बाहर निकालें। अब उनके इस तरह के बयान पर कुछ लोगों ने कहा कि जब आप करोड़ों करोड़ कर्ज ले रहे थे तो पता नहीं था कि हालात क्या होंगे। पाकिस्तान को नर्क में ले जाने के लिए आप ही लोग जिम्मेदार हैं। आपकी साख इतनी खराब हो चुकी है कि कोई भी मुल्क आपकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। पाकिस्तान की अवाम गुरबत में जीने के लिए मजबूर है। कृपा कर देश को मुश्किल हालात से निकालने के लिए काम करें ना कि अपनी खामियों के लिए अल्लाह ताला पर दोष मढ़ें।
पाकिस्तान अपनी दशा के लिए खुद जिम्मेदार
बता दें कि पाकिस्तान में इस समय आटे की कीमत 3 हजार रुपए प्रति बोरी, कस्बों और शहरों में बिजली नहीं। पेट्रोल पंपों पर लंबी लंबी लाइन। लेकिन तेल खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। जानकार बताते हैं कि पाकिस्तान खुद अपनी नीतियों का शिकार है। कर्ज लेकर उसका उचित इस्तेमाल नहीं करने की वजह से पाकिस्तान को तरह तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
