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कंगाल हुआ पाकिस्तान! बढ़ा क्राइम, बंदूक की नोक पर दर्जी से लूट लिए 25 सूट

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 9, 2023, 08:15 PM IST

Crime in pakistan: पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई है कि लोग खाने-पीने की चीजों से लेकर पहनने तक के लिए मोहताज हो रहे हैं, छीनाछपटी कर रहे हैं। गुजरांवाला में एक दर्जी की दुकान पर बंदूक की नोक पर 25 सूट लूट लिए।

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पाकिस्तान में जनता परेशान, बढ़ रहे हैं क्राइम

Crime in pakistan: पाकिस्तान के गुजरांवाला में डकैतों ने एक दर्जी की दुकान पर धावा बोल दिया और 25 सूट और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए, एआरवाई न्यूज के मुताबिक गुजरांवाला में रहवाली स्थित एक दर्जी की दुकान में चोरी की घटना हुई है। लुटेरे ग्राहक के तौर पर दर्जी की दुकान में घुसे और ईद-उल-फितर के मौसम में ऑर्डर पूरा करने के लिए सिलाई में लगे उसके और उसके छात्रों को बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर लूट लिया।

कुल 25 सूट जो सिलाई के लिए दर्जी को दिए थे, लुटेरे ले गए। उन्होंने दुकान के कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के बाद उनसे मोबाइल फोन भी छीन लिए और मौके से फरार हो गए। एआरवाई न्यूज के मुताबिक दुकानदार ने अधिकारियों से मामले पर तत्काल कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है।

बिजनेस ब्रेकॉर्डर ने हाल ही में बताया कि पाकिस्तानी रुपये के मूल्य गिरावट (Depreciation) के बीच, पाकिस्तान में, विशेष रूप से कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में सड़क क्राइम में वृद्धि हुई है। बढ़ती असमानता, गरीबी और बेरोजगारी के मुद्दों से उपजी रोड क्राइम में वृद्धि पाकिस्तान के समाज में एक गहरी परेशानी का लक्षण है।

पाकिस्तान में कुछ गिरोह ऐसे हैं जो बेखौफ होते जा रहे हैं। उदाहरण के लिए कराची, देश का सबसे बड़ा शहरी केंद्र, जहां कुछ आंकड़े दावा करते हैं कि सड़कों पर क्राइम की दर कुछ साल पहले अपने चरम से नीचे आ गई है। लेकिन धरातल पर यह बरकरार है।

नागरिक-पुलिस संपर्क समिति (CPLC) का हवाला देते हुए बिजनेस ब्रेकॉर्डर के मुताबिक कराची में सड़कों पर होने वाले अपराधों में खतरनाक वृद्धि देखी गई है। अधिक चिंताजनक बात यह है कि विरोध करने पर लुटेरों द्वारा लोगों को गोली मार दी जाती है। वर्ष 2023 के पहले तीन महीनों के दौरान, 21,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए, हालांकि रिपोर्ट न किए गए मामलों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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