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नेपाल ने भोटेकोशी बाढ़ को बताया 'हिमालयी सुनामी', मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आभार जताया; 1,250 से अधिक मौतें

Himalayan Tsunami Nepal: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया है। इस आपदा में 1,250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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नेपाल ने भोटेकोशी बाढ़ को बताया 'हिमालयी सुनामी', मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आभार जताया; 1,250 से अधिक मौतें

Nepal Bhote Koshi Flood: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने देश में भारी तबाही मचाने वाली बाढ़ को बृहस्पतिवार को 'हिमालयी सुनामी' करार दिया तथा इस मुश्किल घड़ी में समर्थन एवं एकजुटता के लिए पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आभार जताया। खनाल की यह टिप्पणी एक निजी टेलीविजन चैनल को दिए गए साक्षात्कार के कुछ दिनों बाद सामने आईं। इस साक्षात्कार में उन्होंने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले तीन सबसे बड़े देश बताया तथा कहा कि जोखिम का सामना कर रहे नेपाल जैसे देशों की भरपाई करने की उनकी 'ऐतिहासिक जिम्मेदारी' है।

खनाल ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार औद्योगिक देशों को नेपाल जैसे देश की भरपाई करनी चाहिए, जिसका कार्बन उत्सर्जन में योगदान न के बराबर है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भी बुधवार को कहा था कि इस आपदा के जलवायु परिवर्तन से संबंध को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया जाना चाहिए।

'हमने इतनी बड़ी आपदा नहीं देखी'

बृहस्पतिवार को काठमांडू में, अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से मची तबाही के बारे में जानकारी देते हुए खनाल ने कहा, 'मैं इस आपदा को 'हिमालयी सुनामी' कहना चाहता हूं क्योंकि हाल के समय में हमने इतनी बड़ी आपदा नहीं देखी है।'

पड़ोसी देशों, मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन और एकजुटता के लिए आभार व्यक्त करते हुए खनाल ने कहा कि 'नेपाल इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ निकट सहयोग और मिलकर काम करना जारी रखेगा।'

इस दौरान, विभिन्न देशों के राजदूत, राजनयिक मिशन के प्रमुख और प्रतिनिधि, तथा विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

खनाल ने राजनयिकों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे तलाश और बचाव कार्यों के साथ-साथ आपदा के बाद विदेशी नागरिकों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान तेज करके नेपाली और विदेशी नागरिकों को बचाना है।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को चट्टानें खिसकने या हिमस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़ से उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मची।

प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मृतक संख्या बढ़कर 1,250 से अधिक हो गई, जबकि 4,800 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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