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Janmashtami Mewa Paag Recipe: जन्माष्टमी पर बनाएं बिना चीनी के स्वादिष्ट मेवा पाग, जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरी रेसिपी

Janmashtami Mewa Paag Recipe: जन्माष्टमी पर स्वादिष्ट और हेल्दी मेवा पाग बनाना चाहते हैं तो आप चीनी को स्किप करके भी इसे बना सकते हैं। इसमें मिठास के लिए आप खजूर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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जन्माष्टमी पर मेवा पाग कैसे बनाएं

Janmashtami Mewa Paag Recipe: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को घर में बने प्रसाद का भोग लगाने की परंपरा है। इस दिन माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी और कई तरह के मेवों से बने प्रसाद तैयार किए जाते हैं। अगर आप इस बार बिना चीनी का मेवा पाग बनाना चाहते हैं तो खजूर की मदद से इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं।

खजूर प्राकृतिक मिठास देता है, जबकि काजू, बादाम, मखाना और सूखा नारियल मेवा पाग को स्वादिष्ट और भरपूर बनाते हैं। इसे बनाने के लिए अलग से चीनी या गुड़ डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जन्माष्टमी पर कान्हा जी को भोग लगाने के लिए यह मेवा पाग घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है।

बिना चीनी का मेवा पाग बनाने के लिए सामग्री

  • 1 कप काजू, बादाम और किशमिश
  • 1.5 कप मखाना
  • 1 कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल
  • 8 से 10 बीजरहित खजूर
  • 2 से 4 बड़े चम्मच शुद्ध घी
  • ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
  • 2 से 3 बड़े चम्मच पानी

खजूर वाला मेवा पाग बनाने की विधि

स्टेप 1: खजूर तैयार करें सबसे पहले खजूर के बीज निकालकर अलग कर लें। अगर खजूर बहुत सख्त हैं तो उन्हें थोड़े गर्म पानी में करीब 10 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद खजूर को पानी से निकालकर अच्छी तरह पोंछ लें। अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।

स्टेप 2: काजू और बादाम भूनें

कड़ाही को गैस पर रखें और उसमें 1 से 2 चम्मच घी डालकर गर्म करें। अब कटे हुए काजू और बादाम डालें। इन्हें धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। ध्यान रखें कि मेवे जलें नहीं। भुनने के बाद इन्हें एक प्लेट में निकाल लें।

स्टेप 3: मखाना और नारियल भूनें

अब उसी कड़ाही में थोड़ा घी डालकर मखाने डालें। इन्हें धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भूनें। मखाने भुनने के बाद इन्हें भी अलग निकाल लें। अब कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल डालकर हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक भूनें। भुने हुए सभी मेवों को थोड़ा ठंडा होने दें।

स्टेप 4: मेवों को दरदरा पीसें

अब भुने हुए काजू, बादाम, मखाने और नारियल को मिक्सर में डालें। इन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं। मेवों को दरदरा पीसें, ताकि मेवा पाग में इनका स्वाद और हल्का क्रंच बना रहे।

स्टेप 5: खजूर का पेस्ट तैयार करें

अब कटे हुए खजूर को मिक्सर में डालें। इसमें 2 से 3 बड़े चम्मच पानी डालकर इसका गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अगर खजूर पहले से नरम हैं तो पानी बहुत कम डालें। पेस्ट ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए।

स्टेप 6: खजूर को पकाएं

अब कड़ाही को धीमी आंच पर रखें और उसमें थोड़ा घी डालें। खजूर का तैयार पेस्ट कड़ाही में डालकर लगातार चलाएं। खजूर को धीमी आंच पर कुछ मिनट पकाएं। जब पेस्ट गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे तो इसमें इलायची पाउडर डालें।

स्टेप 7: मेवे मिलाएं

अब खजूर के पेस्ट में दरदरे पिसे हुए काजू, बादाम, मखाने और नारियल डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाते हुए धीमी आंच पर करीब 1 से 2 मिनट तक पकाएं। मिश्रण गाढ़ा होकर एक साथ बंधने लगे तो गैस बंद कर दें।

स्टेप 8: मेवा पाग जमाएं

अब एक थाली या ट्रे लें और उसमें थोड़ा सा घी लगाकर चिकना कर लें। गर्म मेवा मिश्रण को थाली में निकालें और चम्मच या स्पैचुला की मदद से चारों तरफ बराबर फैला दें। इसे करीब 15 से 20 मिनट ठंडा होने दें।

स्टेप 9: टुकड़ों में काटें

जब मेवा पाग अच्छी तरह सेट हो जाए तो चाकू की मदद से इसे चौकोर या डायमंड शेप में काट लें। तैयार है जन्माष्टमी के लिए बिना चीनी और बिना गुड़ का खजूर वाला मेवा पाग।

खजूर वाला मेवा पाग बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

खजूर का पेस्ट बहुत पतला न करें। ज्यादा पानी डालने से मिश्रण को जमने में परेशानी हो सकती है। मेवों को धीमी आंच पर ही भूनें। ज्यादा तेज आंच पर काजू, बादाम और नारियल जल्दी जल सकते हैं। मेवों को बिल्कुल बारीक पाउडर बनाने की बजाय दरदरा पीसें। इससे मेवा पाग का स्वाद और टेक्सचर बेहतर रहेगा। खजूर और मेवों का मिश्रण तैयार होते ही इसे घी लगी थाली में फैला दें। ठंडा होने के बाद यह ज्यादा जल्दी सेट होता है।

जन्माष्टमी पर कान्हा जी को लगाएं भोग

जन्माष्टमी की पूजा के बाद तैयार खजूर वाले मेवा पाग को भगवान श्रीकृष्ण को भोग में लगाया जा सकता है। इसमें चीनी और गुड़ दोनों का इस्तेमाल नहीं होता है। खजूर से इसकी मिठास आती है और काजू, बादाम, मखाना व नारियल इसे स्वादिष्ट बनाते हैं। घर पर तैयार इस प्रसाद को जन्माष्टमी के दिन परिवार के लोगों में भी बांट सकते हैं। इससे आपकी हेल्थ भी अच्छी रहेगी। इसको शुगर पेशेंट भी सीमित मात्रा में ले सकते हैं।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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