Mexico: लैटिन अमेरिकी देश मैक्सिको एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा है। मैक्सिको के मध्य-पूर्वी हिस्से में स्थित पुएब्ला (Puebla) राज्य में रविवार तड़के अज्ञात बंदूकधारियों ने एक आवासीय परिसर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इस अचानक हुए हमले में एक मासूम बच्चे सहित कुल 10 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मरने वालों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह दिल दहला देने वाला हमला पुएब्ला राज्य के तेहुइत्जिंगो नगर पालिका क्षेत्र में हुआ। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, देर रात करीब 1:55 बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थानीय जन सुरक्षा मंत्रालय (Public Security Ministry) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि इस कांड में जान गंवाने वालों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल हैं। हमलावर वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। सूचना मिलने के बाद जब स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, तो घर के भीतर चारों तरफ खून से लथपथ लाशें बिखरी पड़ी थीं। एक घायल महिला ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
सरकार ने लिया 'जीरो इम्प्युनिटी' का संकल्प
पुएब्ला राज्य के जन सुरक्षा मंत्रालय ने इस नरसंहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस मामले में अपराधियों के खिलाफ 'जीरो इम्प्युनिटी' यानी शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। दोषियों को कानून के शिकंजे से बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा। फिलहाल हमले की असली वजह क्या थी, यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। हालांकि, मैक्सिको की खुफिया एजेंसियां और जांच टीमें इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह हमला स्थानीय ड्रग कार्टेल की आपसी दुश्मनी का नतीजा है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश है।
सेना और नेशनल गार्ड का बड़ा सर्च ऑपरेशन
घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मैक्सिको की संघीय और राज्य स्तर की सुरक्षा एजेंसियों ने हाथ मिला लिया है। इलाके में अपराधियों को ट्रैक करने और उन्हें दबोचने के लिए नेशनल गार्ड, राज्य पुलिस और स्थानीय खुफिया टीमों का एक संयुक्त ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट शुरू कर दिया गया है। तेहुइत्ज़िंगो और उसके आसपास के इलाकों की नाकेबंदी कर दी गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मैक्सिको अगले कुछ ही हफ्तों में फीफा वर्ल्ड कप 2026 की सह-मेजबानी करने की तैयारियों में जुटा है और राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने पूरे देश में करीब 1 लाख से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का वादा किया है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
