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ईरान युद्ध पर ट्रंप बोले : 2-3 सप्ताह में बड़ा कदम उठाएंगे, जारी रहेगा 'ऑपरेशन फ्यूरी', होर्मुज पर कही ये बात

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आने वाले हफ्तों में ईरान के साथ समझौता होने की संभावना है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका और सख्त कदम उठा सकता है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका कुछ अहम पुलों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

Photo : AP

Trump Live on Iran War: ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे) देश को संबोधित किया। ईरान युद्ध पर उन्होंने बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में जाएगा और उसकी सुरक्षा करेगा। जंग खत्म होने के बाद होर्मुज खुद खुल जाएगा और तेल एवं गैस के दाम नीचे आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध खत्म होने की कगार पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को लेकर वह दो-तीन हफ्ते में सख्त कदम उठाएंगे। ईरान के खिलाफ यूएस का 'ऑपरेशन फ्यूरी' जारी रहेगा। बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला शुरू किया। तब से यह युद्ध चल रहा है।

ईरान युद्ध पर ट्रंप के संबोधन की बड़ी बातें

-ईरान को गलत काम की सजा मिली

-होर्मुज स्ट्रेट में जाएंगे और उसकी सुरक्षा करेंगे

-जंग खत्म होने के बाद होर्मुज खुद खुल जाएगा

-ईरान युद्ध खत्म होने की कगार पर

-वेनेजुएला से भी तेल की आपूर्ति जारी

-जल्द गैस एवं तेल के दाम स्थिर होंगे

-दो-तीन हफ्ते में सख्त कदम उठाएंगे

-हमें रोकना मुश्किल, हम बड़ी शक्ति हैं

-ईरान की वायु सेना खत्म हो चुकी है

-पुरानी गलतियों को ठीक कर रहा हूं

-ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता था

-हमने अपना मिशन पूरा कर लिया है

-मैंने जनरल सुलेमानी को मारा

-ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

-ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है

-ईरान के सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं

-यूएस की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन जारी है

-ईरान ने अपने ही लोगों को मारा

-ईरानी सेना हमारे कंट्रोल में है

-हमारी सेना सबसे ताकतवर है

-ईरान के खिलाफ हमने जबर्दस्त कामयाब हासिल की है

-मोजतबा के जिंदा हैं या नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता

-आज रात ईरान की नौसेना खत्म हो गई है

-मिसाइल हमले की क्षमता नष्ट हो गई है

अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमले

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमले का एक नया दौर शुरू कर दिया है। इसे 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 89वीं लहर बताया जा रहा है। ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने बताया कि ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने मिलकर भारी मिसाइलों, आत्मघाती ड्रोन्स और रॉकेटों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली ठिकानों पर हमला किया है। ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के इलात, तेल अवीव और बनी ब्राक जैसे इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान के मुताबिक इन हमलों में इजरायल को बड़ा नुकसान हुआ है।

ट्रंप ने खुद को बताया 'महान'

डोनाल्ड ट्रंप अपने मुंह मियां मिट्ठू बने हैं। उन्होंने दावे के साथ कहा, 'अगर मैं नहीं होता... तो इजरायल नहीं होता. मिडिल-ईस्ट भी नहीं होता. आपके पास परमाणु हथियार होते. इसके बाद ट्रंप ने अपने भाषण में और अधिक जानकारी देने का वादा किया। उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की सफलताओं पर जोर देते हुए कहा, 'आज रात, मैं सबको बताऊंगा कि मैं कितना महान हूं। मैंने कितना शानदार काम किया है।

समझौते की संभावना, लेकिन हमलों की चेतावनी भी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आने वाले हफ्तों में ईरान के साथ समझौता होने की संभावना है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका और सख्त कदम उठा सकता है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका कुछ अहम पुलों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ईरान वार्ता की मेज पर आता है, तो यह बेहतर विकल्प होगा।

होर्मुज पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी उन देशों की होनी चाहिए, जो इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि फ्रांस जैसे सहयोगी देशों को इस दिशा में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम है?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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