ईरान ने रविवार को इजरायल की ओर मिसाइलों की एक नई बौछार की, इससे पहले अमेरिका ने अपने तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ईरान से दागी गई मिसाइलों ने उत्तरी और मध्य इजरायल में हाइफा, नेस जियोना, रिशोन लेजियोन और तेल अवीव सहित कई स्थानों पर हमला किया है।
ईरान ने तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे समेत कई अन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है वहीं इजरायल के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 11 लोग घायल हुए हैं।
कई क्षेत्रों में हवाई हमले के सायरन बजते रहने के कारण आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हो गई हैं। इससे पहले आज, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों, फोर्डो, नतांज़ और एस्फाहान पर हवाई हमले किए हैं।
कई दिनों के विचार-विमर्श के बाद, इजरायल के सैन्य अभियान में शामिल होने के ट्रम्प के कदम ने क्षेत्रीय संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को चिह्नित किया है, जो अपने दसवें दिन है।
वहीं ईरान के शीर्ष राजनयिक ने रविवार को चेतावनी दी कि देश के परमाणु स्थलों पर अमेरिका के हमलों के दूरगामी परिणाम होंगे और तेहरान के पास पलटवार करने के सभी विकल्प मौजूद हैं। विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस्फहान, फोर्दो और नतांज पर अमेरिकी हमलों पर सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले शीर्ष अधिकारी हैं। अरागची ने एक्स पर लिखा कि आज सुबह की घटनाएं बहुत ही भयानक हैं और इनके दूरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और आत्मरक्षा के लिए वैध कदम की अनुमति देने संबंधी इसके प्रावधानों के अनुरूप ईरान के पास अपनी संप्रभुता, हितों और लोगों की रक्षा के लिए सभी विकल्प मौजूद हैं।
