Iran US Talks: ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत की संभावना जताई जा रही थी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वर्तमान में पाकिस्तान के दौरे पर है, जहाँ क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
इस्लामाबाद में ईरान का कड़ा रुख: अमेरिका से वार्ता नहीं
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची की इस्लामाबाद यात्रा का उद्देश्य पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देना है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा थोपे गए "आक्रामक युद्ध" को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका अहम है। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस दौरे के दौरान ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच किसी भी सीधी मुलाकात की कोई योजना नहीं है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का दूत भेजना
यह दौरा उस समय हो रहा है जब व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर को पाकिस्तान भेज रहे हैं। इन दूतों का उद्देश्य ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है। हालांकि वाशिंगटन ने तेहरान के साथ कूटनीतिक जुड़ाव के संकेत दिए हैं, लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी बातें और टिप्पणियां सीधे अमेरिका के बजाय पाकिस्तान के माध्यम से साझा करेगा।
अराघची की क्षेत्रीय यात्रा और प्रमुख मुलाकातें
शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे अब्बास अराघची के कार्यक्रमों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और थल सेनाध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर के साथ महत्वपूर्ण बैठकें शामिल हैं। पाकिस्तान के बाद, अराघची के अपने क्षेत्रीय दौरे के हिस्से के रूप में मस्कट और मॉस्को जाने का भी कार्यक्रम है। ईरानी पक्ष ने दोहराया है कि उनका रुख पाकिस्तान के माध्यम से ही अमेरिका तक पहुंचाया जाएगा, जो वर्तमान में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण 'गुड ऑफिस' और मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है।
