ED Raid Fake Call Centers: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने विदेशियों को निशाना बनाने वाले एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की अलग-अलग टीमों ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पंजाब के पटियाला, महाराष्ट्र के पुणे और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
जांच एजेंसी को पक्की खुफिया जानकारी और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर सुराग मिले थे कि पटियाला और पुणे से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिकी नागरिकों के साथ बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही है। जब ईडी की टीमों ने ठिकानों पर अचानक रेड मारी, तो मौके पर तीन कॉल सेंटर पूरी तरह से संचालित स्थिति में मिले। इनमें से दो कॉल सेंटर पटियाला में और एक पुणे में चल रहा था।
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अमेरिकी नागरिकों से ऐसे करते थे ठगी
कार्रवाई के दौरान इन सेंटरों के अंदर करीब 220 कर्मचारी कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर अमेरिकी नागरिकों को कॉल करते और उनसे पैसे ऐंठते पाए गए। मौके से भारी मात्रा में हेडसेट, राऊटर, नेटवर्किंग उपकरण और आधुनिक वर्कस्टेशन बरामद हुए। जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर में बैठे कर्मचारी झूठे बहाने बनाकर और अमेरिकी जांच एजेंसियों का डर दिखाकर लोगों से डॉलर ट्रांसफर करवाते थे।
वहीं, इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड चंडीगढ़ स्थित एक रिहायशी मकान से पूरे नेटवर्क को कोऑर्डिनेट और कंट्रोल कर रहा था। चंडीगढ़ के ठिकाने से ईडी को एक ऐसा संदिग्ध व्यक्ति भी मिला है जो अमेरिका से ठगी के जरिए आने वाले डॉलर को भारतीय रुपये में बदलने (हवाला के माध्यम से) और पैसों को रूट करने का काम संभालता था।
ईडी ने 66 स्मार्टफोन, 13 लैपटॉप, कई हार्ड डिस्क किए जब्त
इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने 66 स्मार्टफोन, 13 लैपटॉप, कई हार्ड डिस्क और अन्य संचार उपकरण जब्त किए हैं। इसके साथ ही नकदी और महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए गए हैं। ईडी अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह पता चल सके कि इन कर्मचारियों को कौन सी स्क्रिप्ट दी जाती थी, अमेरिकी नागरिकों का पर्सनल डाटा कहां से खरीदा जाता था और वीओआईपी (VoIP) कॉलिंग के लिए किस डायलर का इस्तेमाल हो रहा था। ईडी इस पूरे मनी ट्रेल को खंगालने में जुटी है।
