लखनऊ : उत्तर प्रदेश एटीएस ने अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा से जुड़े एक और आरोपी मकसूद अली को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। एटीएस के मुताबिक, मकसूद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का रहने वाला है और तमिलनाडु में रहकर कारपेंटर का काम कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी आजमगढ़ से गिरफ्तार मोहम्मद नबील से मिली जानकारी के आधार पर की गई।
एटीएस के अनुसार, मकसूद अली अल-कायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित था। उस पर युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें मुजाहिद बनाने और जिहाद के लिए प्रेरित करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि मकसूद जिहादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और अत्याधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग की तैयारी में भी जुटा था।
पाकिस्तानी हैकर्स के संपर्क में होने का दावा
एटीएस के मुताबिक, मकसूद पाकिस्तान के कुछ हैकर्स के संपर्क में आया था और हैकिंग टूल तैयार करने की कोशिश कर रहा था। जांच में उसके पाइथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग से जुड़ा ज्ञान ऑनलाइन हासिल करने की बात सामने आई है।
एटीएस का कहना है कि मकसूद ने अपने कथित नेटवर्क को आगे बढ़ाने के लिए ‘CAPTAIN M NETWORK’ नाम से एक सिक्योर एप्लीकेशन भी बनाया था। इसका उद्देश्य एक प्लेटफॉर्म पर लोगों को जोड़ना और उनके बीच संवाद स्थापित करना था। इसी एप के जरिए नबील, मकसूद और कुछ अन्य लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है।
कई WhatsApp ग्रुप से जुड़ा था आरोपी
जांच एजेंसी के मुताबिक, मकसूद दो WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था। इन अकाउंट से ‘UU Entry Gate’, ‘United Ummah’, ‘Gazwa-e-Hind’, ‘Team Black Hat’ और ‘Lashkar e Mehndi’ जैसे WhatsApp ग्रुप जुड़े हुए थे। ATS के अनुसार, इन ग्रुप में पाकिस्तानी हैकर्स समेत कई पाकिस्तानी नंबर भी जुड़े थे।
एटीएस को जांच में यह भी पता चला कि मकसूद अपने कथित नेटवर्क के लिए एक सिक्योर मैसेजिंग ऐप तैयार करने और एक ही प्लेटफॉर्म पर बातचीत करने की योजना पर काम कर रहा था। एजेंसी का आरोप है कि WhatsApp ग्रुप के जरिए जिहादी और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था।
नबील के ग्रुप से भी जुड़ा था मकसूद
एटीएस के मुताबिक, मकसूद अली मोहम्मद नबील द्वारा बनाए गए WhatsApp ग्रुप से भी जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप में कथित तौर पर जिहादी साहित्य और बम बनाने से संबंधित वीडियो साझा किए जा रहे थे।
मकसूद को तमिलनाडु से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया, जहां उसे अदालत के सामने पेश किया गया। मामले में एटीएस उसके संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
