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BFI का बड़ा ऐलान, एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को मिलेगी 2027 विश्व चैंपियनशिप में सीधी एंट्री

बीएफआई ने लॉस एंजिलिस खेलों में अधिक से अधिक मुक्केबाजों के क्वालीफाई करने पर केंद्रित एक विस्तृत चयन नीति जारी की है। बीएफआई ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कि यह नीति विश्व मुक्केबाजी द्वारा विकसित और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा स्वीकृत क्वालीफिकेशन प्रणाली पर आधारित चार चरणों वाली प्रक्रिया तय करती है।

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बॉक्सरों के पास शानदार मौका। फाइल फोटो

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज अगले साल होने वाली विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने बुधवार को यह जानकारी दी। विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2028 लॉस एंजिलिस खेलों के लिए पहला ओलंपिक क्वालीफायर भी होगी।

बीएफआई ने लॉस एंजिलिस खेलों में अधिक से अधिक मुक्केबाजों के क्वालीफाई करने पर केंद्रित एक विस्तृत चयन नीति जारी की है। बीएफआई ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कि यह नीति विश्व मुक्केबाजी द्वारा विकसित और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा स्वीकृत क्वालीफिकेशन प्रणाली पर आधारित चार चरणों वाली प्रक्रिया तय करती है।

कई चरण में होगी चयन प्रक्रिया

विश्व मुक्केबाजी के मानदंडों के अनुसार 2027 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप पहली क्वालीफाइंग प्रतियोगिता होगी, जिसके बाद चीन में एशियाई क्वालीफायर और 2028 में दो विश्व क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होंगे। बीएफआई द्वारा इस हफ्ते जारी सर्कुलर के अनुसार, एशियाई खेल 2026 के पदक विजेताओं को उनके संबंधित वजन वर्ग में मुख्य प्रविष्टि के तौर पर चुना जाएगा। 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता उस वजन वर्ग में रिजर्व प्रविष्टि होंगे।

नीति के अनुसार जिन वजन वर्ग में भारत ने एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं जीता है और लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के उन वजन वर्ग के लिए जो एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता को मुख्य प्रविष्टि के तौर पर चुना जाएगा।

एशियाई क्वालीफायर और राष्ट्रीय शिविर से भी होगा चयन

वहीं, जो मुक्केबाज कोटा दौर के मुकाबले में पहुंचते हैं, लेकिन विश्व चैंपियनशिप में कोटा स्थान नहीं जीत पाते, उन्हें एशियाई क्वालीफायर में सीधा प्रवेश मिलेगा। बाकी स्थान राष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के बीच रैंकिंग चयन ट्रायल के जरिए भरे जाएंगे। इटली और हंगरी में 2028 होने वाले दो विश्व क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए भी ऐसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

अध्यक्ष ने दी जानकारी

बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, यह नीति हमारे मुक्केबाजों को लॉस एंजिलिस 2028 तक पहुंचने का एक स्पष्ट और व्यवस्थित रास्ता देने के लिए बनाई गई है जो राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और विश्व मुक्केबाजी की क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन पर आधारित है।

राष्ट्रीय कोचिंग शिविर की शुरुआत 10वीं एलीट राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेताओं, एशियाई खेलों के पदक विजेताओं और बीएफआई चयन समिति द्वारा चुने गए किसी भी वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी के साथ होगी। गैर ओलंपिक वजन वर्ग के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता 2027 विश्व चैंपियनशिप में मुख्य प्रविष्टि के तौर पर शामिल होंगे, जबकि रजत पदक विजेता रिजर्व के तौर पर रहेंगे।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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