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जीटीबी अस्पताल में बनेगा 250 बेड का सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक, रेखा कैबिनेट ने दी मंजूरी

नए ब्लॉक में दुर्घटना और गंभीर आपातकालीन मामलों के इलाज के लिए 24x7 इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी के साथ सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं होंगी। मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड और आधुनिक प्रयोगशाला की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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रेखा गुप्ता कैबिनेट ने दी मंजूरी।

दिल्ली सरकार ने यमुनापार के दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) में 250 बेड के सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। करीब 244.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ब्लॉक प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) फेज-IV के तहत तैयार किया जाएगा। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा कर अस्पताल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

करीब 22,550 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली सात मंजिला इमारत में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और छह मंजिलें होंगी। इसमें 250 बेड, 48 विशेषज्ञ ओपीडी कमरे और 9 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर होंगे। खास बात यह है कि नया ट्रॉमा ब्लॉक जीटीबी अस्पताल के मौजूदा परिसर में ही बनाया जाएगा, इसलिए इसके लिए अलग से जमीन खरीदने की जरूरत नहीं होगी।

24 घंटे मिलेगी इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर

नए ब्लॉक में दुर्घटना और गंभीर आपातकालीन मामलों के इलाज के लिए 24x7 इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी के साथ सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं होंगी। मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड और आधुनिक प्रयोगशाला की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

ब्लॉक में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 77 क्रिटिकल-केयर बेड होंगे। इनमें 70 आईसीयू बेड और 5 बर्न्स आईसीयू बेड समेत अन्य क्रिटिकल-केयर सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा 20 इमरजेंसी, 4 आइसोलेशन, 22 प्री-पोस्ट सर्जरी, 102 सामान्य वार्ड और 25 निजी कमरे के बेड होंगे।

9 हाईटेक ऑपरेशन थिएटर और ब्लड बैंक

ट्रॉमा ब्लॉक में 9 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे, जिससे गंभीर मरीजों की तत्काल सर्जरी की सुविधा बढ़ेगी। बेसमेंट में ब्लड बैंक और प्रयोगशाला की व्यवस्था होगी। ब्लड स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। नए ब्लॉक में न्यूरो, हड्डी, त्वचा और दंत चिकित्सा समेत विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। चौथी और पांचवीं मंजिल पर सामान्य और निजी वार्ड होंगे, जबकि छठी मंजिल पर कार्यालय, कक्षाएं और डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए लैब बनाई जाएगी।

एक ही जगह जांच, सर्जरी और गहन इलाज

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जीटीबी अस्पताल पूर्वी दिल्ली का प्रमुख सरकारी अस्पताल है और यहां मरीजों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में गंभीर दुर्घटना और आपातकालीन मामलों के लिए आधुनिक ट्रॉमा सुविधाओं का विस्तार जरूरी था। उन्होंने कहा कि नए ब्लॉक में इमरजेंसी से लेकर जांच, आईसीयू, सर्जरी और विशेषज्ञ इलाज तक की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और पूर्वी दिल्ली में ट्रॉमा एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी।

तीन महीने में होगी निर्माण कार्य की समीक्षा

परियोजना की निगरानी के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति हर तीन महीने में बैठक कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करेगी। अस्पताल को वर्ष 2028 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। पीएमएसएसवाई के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करती हैं। जीटीबी अस्पताल में बनने वाला यह ट्रॉमा ब्लॉक भी इसी योजना के तहत तैयार किया जाएगा।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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