Iran Protest: महसा अमीनी की मौत के बाद से ईरान में हिजाब (Hijab) के विरोध में लगातार प्रदर्शन के बीच ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि "शनिवार को सड़कों पर उतरने का उनका आखिरी दिन होगा"। कहीं न कहीं इसे धमकी के रूप में देखा जा रहा है और साथ ही प्रदर्शनकारी इसे प्रदर्शन को कमजोर करने की साजिश के तौर पर भी देख रहे हैं। वहीं इससे इस बात का अंदेशा भी बढ़ जाता है कि कहीं अब सुरक्षाबल देश में अशांति फैलाने या प्रदर्शनकारियों पर अपनी कार्रवाई तेज व उग्र न कर दें।
पिछले एक महीने से ईरान में हो रहे प्रदर्शन ईरानी शासन के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। जब से पुलिस की हिरासत में 22 साल की कुर्द महिला महसा अमिनी की मौत हुई है, ईरान विरोध प्रदर्शनों की चपेट में आ गया है। 1979 की क्रांति के बाद से ये ईरान की सत्तारूढ़ मौलवियों की सरकार के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।
IRGC कमांडर-इन-चीफ जनरल हुसैन सलामी की धमकी
"सड़कों पर मत आओ! आज दंगों का आखिरी दिन है," गार्ड्स कमांडर होसैन सलामी ने कड़े शब्दों में इन प्रदर्शनों को खत्म करने की ठान ली है। साथ ही धमकी के लहजे में अपने नागरिकों को कहा कि इस प्रदर्शनों में भााग न लें, नहीं तो अंजाम सही नहीं होगा। इससे पहले भी ईरानी कमांडर देश में हो रहे प्रदर्शनों को लिए अमेरिका इजराइल के साथ सऊदी अरब की मीडिया को प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार ठहरा चुका है। हुसैन सलामी ने कहा, "यह खतरनाक प्लान व्हाइट हाउस और इजराइल में रची गई एक योजना है।"
हालांकि अब तक ईरानियों ने हिजाबी विद्रोह के दौरान ऐसी चेतावनियों का उल्लंघन किया है, जिसमें महिलाओं ने प्रमुख भूमिका निभाई है। अब देखना होगा कि इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कमांडर की धमकी के बाद प्रदर्शन में कमी आती है या दंगे और भड़केंगे।
