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ईरान की नतांज परमाणु सुविधा पर हवाई हमला, अमेरिका और इजराइल ने बनाया निशाना

US-Iran war: अमेरिका और इज़राइल ने ईरान की नतांज परमाणु सुविधा पर हमला किया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि मध्य ईरान के उस क्षेत्र में 'रेडियोधर्मी पदार्थों के रिसाव की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।'

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ईरान की नतांज परमाणु सुविधा पर हवाई हमला

US Israel hit Iran's Natanz nuclear facility: ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को शनिवार को एक हवाई हमले में निशाना बनाया गया। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'मिजान' ने यह जानकारी दी। एजेंसी ने कहा कि संयंत्र से कोई रेडियोधर्मी विकिरण नहीं हुआ है। देश के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान की नतांज परमाणु सुविधा को निशाना बनाया।

तसनीम समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में संगठन ने कहा, 'अमेरिका और कब्जा करने वाले जायोनी शासन द्वारा हमारे देश के खिलाफ किए गए आपराधिक हमलों के बाद, आज सुबह नतांज संवर्धन परिसर को निशाना बनाया गया।' इसमें यह भी कहा गया कि मध्य ईरान के इस इलाके में 'रेडियोएक्टिव पदार्थों के लीक होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।'

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि नतांज में स्थित 'शाहिद अहमदी रोशन' संवर्धन केंद्र पर हमला किया गया। संगठन ने इस हमले को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए आपराधिक हमले बताया।

संगठन ने आगे कहा कि शनिवार को किया गया यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इसके साथ ही, यह 'परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि' (NPT) के तहत की गई प्रतिबद्धताओं और परमाणु सुरक्षा से जुड़े अन्य नियमों का भी उल्लंघन है।

नतांज हमेशा निशाने पर

ईरान के परमाणु संयंत्र नतांज पर युद्ध के पहले सप्ताह में भी हमला हुआ था और उपग्रह चित्रों के अनुसार कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही थीं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि उस हमले से 'कोई रेडियोधर्मी विकिरण की आशंका नहीं थी।'

तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित परमाणु संयंत्र को जून 2025 में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिनों के युद्ध में इजराइली हवाई हमलों और अमेरिका द्वारा निशाना बनाया गया था।

US-UK के साझा बेस पर हमला

आज इससे पहले, शनिवार को ईरान ने हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप, डिएगो गार्सिया में US-UK के एक साझा बेस को निशाना बनाया। यह हमला ब्रिटेन द्वारा वॉशिंगटन को होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुआ।

CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित इस ठिकाने पर दो मिसाइलें दागीं, जो ईरान के तट से लगभग 3,810 किलोमीटर दूर है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों में से कोई भी मिसाइल बेस पर नहीं लगी।

डिएगो गार्सिया अमेरिका के भारी बमवर्षक बेड़े के लिए एक प्रमुख हवाई अड्डा है और लंबे समय से यह देश के लिए घर से दूर होने वाले सैन्य अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण विदेशी अमेरिकी सैन्य केंद्र के रूप में कार्य करता रहा है।

UK सरकार ने देश में स्थित अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दे दी है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला करने वाली ईरानी मिसाइल साइटों पर हमले किए जा सकें।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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