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हेलिकॉप्टर पायलट से व्यापार दूत, और फिर राजपरिवार से बहिष्कृत शख्स... पूर्व राजकुमार एंड्रयू की कहानी

एंड्रयू का जन्म 1960 में एक राजकुमार के रूप में हुआ था। वह महारानी और उनके पति प्रिंस फिलिप की दूसरी संतान हैं। उनके बड़े भाई चार्ल्स जहां राज सिंहासन के उत्तराधिकारी थे, वहीं एंड्रयू ने राजपरिवार के छोटे बेटों के लिए सैन्य सेवा का सिद्ध मार्ग अपनाया।

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प्रिंस एंड्रयू का सफरनामा

Photo : AP

Former Prince Andrew Story: ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के प्रिय पुत्र रहे पूर्व राजकुमार एंड्रयू लंबे समय से ब्रिटेन के राजपरिवार के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। पुलिस ने गुरुवार को महाराजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार करने के संदेह में गिरफ्तार कर लिया। उन पर यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के साथ संबंध रखने का आरोप है। यह गिरफ्तारी उनके 66वें जन्मदिन पर हुई।

रॉयल नेवी में 22 साल बिताए

एंड्रयू का जन्म 1960 में एक राजकुमार के रूप में हुआ था। वह महारानी और उनके पति प्रिंस फिलिप की दूसरी संतान हैं। उनके बड़े भाई चार्ल्स जहां राज सिंहासन के उत्तराधिकारी थे, वहीं एंड्रयू ने राजपरिवार के छोटे बेटों के लिए सैन्य सेवा का सिद्ध मार्ग अपनाया। रॉयल नेवी में 22 साल बिताने के बाद एंड्रयू को 2001 में ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश मामलों का विशेष प्रतिनिधि नामित किया गया था, और मौजूदा पुलिस जांच उसी अवधि से संबंधित है।

फॉकलैंड युद्ध में हिस्सा लिया

नौसेना में रहने के दौरान उन्होंने 1982 के फॉकलैंड युद्ध के दौरान हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में युद्धक अभियानों में भी भाग लिया था। पूर्व राजकुमार पर किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है। उन्होंने एप्स्टीन से अपने संबंधों को लेकर कोई भी गलत कृत्य करने से इनकार किया है। एपस्टीन के साथ उनकी दोस्ती को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच माउंटबेटन-विंडसर को 2011 में व्यापार संबंधी भूमिका से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। एपस्टीन को 2008 में एक नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी पाए जाने के बाद 18 महीने कैद की सजा सुनाई गई थी।

एपस्टीन के साथ संपर्कों को सही ठहराया

साल 2019 में एपस्टीन की दोबारा गिरफ्तारी के बाद, एंड्रयू ने बीबीसी के न्यूजनाइट कार्यक्रम में एक बेहद अनुचित साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने एपस्टीन के साथ अपने संपर्कों को सही ठहराने की कोशिश की। इस पर उनकी व्यापक आलोचना हुई थी। विरोध के बीच, एंड्रयू ने 20 नवंबर, 2019 को घोषणा की कि वह निकट भविष्य के लिए सार्वजनिक कर्तव्यों और धर्मार्थ भूमिकाओं को छोड़ रहे हैं।

नाबालिग से संबंध बनाने का लगा आरोप

अगस्त 2021 में एपस्टीन के अपराधों की पीड़ितों में से एक वर्जीनिया गिफ्रे ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में एंड्रयू के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजकुमार ने उसके साथ तब यौन संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी। एंड्रयू ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन उन्हें सभी सैन्य संबद्धताओं और राजपरिवार के धर्मार्थ कार्यों से वंचित कर दिया गया। अंततः एंड्रयू ने एक अज्ञात राशि देकर मामले का निपटारा कर लिया।

गिफ्रे ने अप्रैल 2025 में आत्महत्या की

हालांकि, एंड्रयू ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की, लेकिन उन्होंने यौन तस्करी की शिकार के रूप में गिफ्रे की पीड़ा को स्वीकार किया। गिफ्रे ने अप्रैल 2025 में 41 वर्ष की आयु में आत्महत्या कर ली। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पिछले साल ईमेल सामने आने के बाद महाराजा चार्ल्स तृतीय ने अपने भाई से उनकी शाही उपाधि और अन्य सम्मानों के साथ-साथ विंडसर में रॉयल लॉज स्थित उनके घर को भी छीन लिया। इन ईमेल से पता चला कि एंड्रयू अपने पहले के दावों से कहीं अधिक समय तक एपस्टीन के साथ संपर्क में रहे। अब वह पुलिस हिरासत में हैं। वह ब्रिटिश सिंहासन के उत्तराधिकार क्रम में आठवें स्थान पर आते हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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