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ट्रंप ने फिर ठोका नोबेल प्राइज पर दावा, कहा- मैंने खत्म कराए 8 युद्ध, ऐसा किसी ने नहीं किया

ट्रंप ने कहा, शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोई युद्ध सुलझाया हो, जबकि मैंने 8 युद्धों को खत्म कराया है। ट्रंप ने कहा कि अगर नोबेल कमेटी उन्हें यह पुरस्कार नहीं देती है, तो यह कमेटी की साख के लिए बड़ा धक्का होगा।

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ट्रंप ने फिर ठोका नोबेल पुरस्कार पर दावा

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए एक बार फिर अपना दावा मजबूत किया है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने 8 युद्धों को सुलझाया है और ऐसा काम किया है जो इतिहास में पहले किसी ने नहीं किया। शुक्रवार को नॉर्वेजियन पीस कमेटी द्वारा पुरस्कार की घोषणा से ठीक पहले, ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोई युद्ध सुलझाया हो, जबकि मैंने 8 युद्धों को खत्म कराया है। ट्रंप ने कहा कि अगर नोबेल कमेटी उन्हें यह पुरस्कार नहीं देती है, तो यह कमेटी की साख के लिए बड़ा धक्का होगा।

ओबामा पर निशाना

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर हमला बोलते हुए कहा कि ओबामा को 2009 में पद संभालते ही बिना कुछ किए पुरस्कार दे दिया गया था, और उन्हें खुद नहीं पता था कि उन्हें यह क्यों मिला। उन्होंने संकेत दिया कि वे एक और युद्ध (अमेरिका-ईरान तनाव) को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने टैरिफ की धमकियों का इस्तेमाल करके कई युद्ध रोके और बंधकों को छुड़ाया।

पिछली विजेता का हवाला

ट्रंप ने पिछले साल की विजेता मारिया कोरीना माचाडो (वेनेजुएला) का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ओवल ऑफिस में ट्रंप को अपना मेडल सौंपते हुए कहा था कि यह सम्मान वास्तव में ट्रंप का ही है।

ट्रंप ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, मैं कोई डींग नहीं हांक रहा, मैं सिर्फ आपको तथ्य बता रहा हूं। इतिहास में शायद ही किसी राष्ट्रपति ने युद्धों को खत्म कराया हो, लेकिन मैंने आठ युद्धों का निपटारा किया है। मैंने ऐसे काम किए हैं जो पहले कभी किसी ने नहीं किए।

उन्होंने नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी पर तंज कसते हुए कहा कि कमेटी का इतिहास ऐसा रहा है कि वे मेरे जैसे लोगों को पुरस्कार देने से बचते हैं। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, चाहे मुझे यह पुरस्कार मिले या न मिले, मैंने इससे कहीं ज्यादा काम करके दिखाया है। अगर वे मुझे यह पुरस्कार नहीं देते हैं, तो यह नोबेल कमेटी की साख पर एक बहुत बड़ा धब्बा होगा।

ट्रंप के दावे और मौजूदा वैश्विक स्थिति

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से खुद को एक 'शांतिदूत' और बेहतरीन सौदेबाज के रूप में पेश करते रहे हैं। उनका यह ताजा दावा उस वक्त आया है जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई प्रमुख घटनाक्रम चल रहे हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव

ट्रंप ने संकेत दिया कि वे एक और युद्ध को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका इशारा पिछले आठ महीनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच के गंभीर सैन्य व आर्थिक तनाव की ओर था।

टैरिफ को बनाया हथियार

ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ सैन्य बल से ही नहीं, बल्कि आर्थिक नीतियों और टैरिफ (आयात शुल्क) की धमकियों का इस्तेमाल करके कई संभावित युद्धों को शुरू होने से पहले ही रोक दिया और सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान बचाई।

विदेश नीति का हवाला

उन्होंने यह भी दोहराया कि बीते सालों में उनकी सख्त विदेश नीति के कारण कई देशों से अमेरिकी बंधकों को सुरक्षित वापस लाया जा सका।

पूर्व राष्ट्रपति ओबामा पर सीधा हमला

अपने भाषण के दौरान ट्रम्प ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को निशाना बनाने का मौका भी नहीं गंवाया। ओबामा को वर्ष 2009 में राष्ट्रपति बनने के कुछ ही महीनों बाद नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ओबामा पर चुटकी लेते हुए ट्रंप ने कहा, ओबामा को नोबेल मिला था, जबकि उन्होंने कुछ भी नहीं किया था। उन्हें खुद आज तक समझ नहीं आया कि उन्हें वह पुरस्कार किस बात के लिए मिला था। वे राष्ट्रपति चुने ही गए थे कि उन्हें सम्मान दे दिया गया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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