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चीन की सेना है कागजी शेर,जिनपिंग की एक और खुली पोल, PLA पर बड़ा खुलासा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jan 5, 2023, 07:08 PM IST

Chinese Army PLA Exposed: ग्लोबल फॉयर पॉवर की रैकिंग के अनुसार चीन की सेना दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली सेना है। चीन के पास 20 लाख एक्टिव सैनिक, 5.10 लाख रिजर्व और 6.25 लाख पैरामिलिट्री सैनिक हैं। इसी तरह उसके पास 3184 एयरक्रॉफ्ट हैं।

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चीन की सेना पर बड़ा खुलासा

Chinese Army PLA Exposed: लगता है चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितारें आज कल अच्छे नहीं चल रहे हैं। कोरोना पर उनकी जीरो कोविड पॉलिसी की खोल पहले ही खुल चुकी है। चीन में संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है और लाखों लोग दवाई, डॉक्टर की किल्लत का सामना कर रहे हैं। जिनपिंग अभी इस हकीकत को दुनिया से छुपाने में लगे हुए थे। इस बीच एक नए खुलासे ने उनकी मुश्किलें खड़ी कर दी है। यह खुलासा चीन की सेना को लेकर हुआ है। जिसमें चीन की सेना (PLA) को कागजी शेर बताया गया है। वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार चीन के सैनिकों के पास आधुनिक हथियार चलाने तक प्रशिक्षण नहीं है।

दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी सेना पर कितनी ताकतवर

ग्लोबल फॉयर पॉवर की रैकिंग के अनुसार चीन की सेना दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली सेना है। चीन के पास 20 लाख एक्टिव सैनिक, 5.10 लाख रिजर्व और 6.25 लाख पैरामिलिट्री सैनिक हैं। इसी तरह उसके पास 3184 एयरक्रॉफ्ट हैं। वहीं 1199 फाइटर प्लेन और 281 अटैक हेलिकॉप्ट हैं। जबकि करीब 4950 टैंक हैं, वहीं 2 एयर क्रॉफ्ट कैरिअर और 78 पनडुब्बियां प्रमुख रूप से हैं। इन आंकड़ों से तो चीन की सेना काफी मजबूत नजर आती हैं। लेकिन साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट ने इस ताकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं

क्या कहती है रिपोर्ट

रिपोर्ट कहती है कि जिस तेजी से चीन अपनी सेना में आधुनिक उपकरण शामिल कर रहा है। उसके अनुसार सैनिक प्रशिक्षित नहीं है। ऐसे में उनके लिए आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा। रिपोर्ट खास तौर से चीन की नौ सेना की तैयारियों पर सवाल उठाती है। इसमें एक वाइस कैप्टन स्तर के अधिकारी को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिलने की बात कही हई है। जाहिर है जब वरिष्ठ स्तर पर ऐसा हाल है तो निचले स्तर पर तो और बुरा हाल होगा। इसके अलावा रक्षा विशेषज्ञ चीन की सेना के युद्ध के कम अनुभव को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं। उनके अनुसार चीन की सेना के पास कठिन और लंबे युद्धों का अनुभव नहीं है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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