Russia Ukraine War: रूस के सीमाई शहर बेलग्राद में शनिवार को गोलाबारी में दो बच्चों समेत कम से कम 14 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 108 घायल हो गये। रूस के आपात स्थिति मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। रूसी अधिकारियों ने इस हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। बेलग्राद में हुए हमले से एक दिन पहले यूक्रेन पर 18 घंटे तक रूसी हमले किये गये थे, जिसमें 39 नागरिकों की मौत हो गयी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल फोटो
सोशल मीडिया पर जारी बेलग्राद की तस्वीरों में जलती कारें और क्षतिग्रस्त इमारतों से निकलते काले धुओं का गुबार देखा जा सकता है। इस बीच हवाई हमलों का सायरन भी सुनाई दिया। यह हमला शहर के मध्य में एक सार्वजनिक आइस रिंक के निकट हुआ। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने हमले में इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद की पहचान चेक (गणराज्य)-निर्मित वैम्पायर रॉकेट और ओल्खा क्लस्टर गोला-बारूद के रूप में की गयी है। मंत्रालय ने इसके अतिरिक्त कोई जानकारी नहीं दी है।
पुतिन एक्टिव
क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। देश के स्वास्थ्य मंत्री, मिखाइल मुराश्को को मास्को से बेलग्राद की यात्रा करने वाले चिकित्साकर्मियों और बचावकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का आदेश दिया गया। इससे पहले शनिवार को रूस के अधिकारियों ने देश के मास्को, ब्रेयांस्क, ओरिओल और कुर्स्क क्षेत्रों में 32 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराने की सूचना दी थी।
ड्रोन से भी हमला
अधिकारियों ने बताया कि मास्को, ब्रेयांस्क, ओरिओल और कुर्स्क क्षेत्रों में आसमान में इन ड्रोन को देखा गया। उन्होंने बताया कि इन सभी ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने ध्वस्त कर दिया और इसमें किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। पश्चिमी रूस के शहरों पर मई के बाद से लगातार ड्रोन हमले हो रहे हैं और रूस के अधिकारी इसके लिए यूक्रेन को जिम्मेदार बताते हैं।
रूस के हमले के बाद पलटवार?
यूक्रेन के अधिकारियों ने रूसी क्षेत्र और क्रिमिया प्रायद्वीप में हुये हमलों की कभी जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, रूस के खिलाफ बड़े हवाई हमले, यूक्रेन के शहरों पर हुये भारी हमलों के बाद हुए हैं। मास्को की सेना ने शुक्रवार को पूरे यूक्रेन में 122 मिसाइलें और दर्जनों ड्रोन से हमले किये, जिसे वायुसेना के एक अधिकारी ने युद्ध का सबसे बड़ा हवाई हमला बताया था। हमले में एक प्रसूति अस्पताल, अपार्टमेंट और स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए, जिसमें कम से कम 144 लोग घायल हुए हैं और कई लोग मलबे के नीचे दब गए, जिसकी संख्या अज्ञात है।
