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Ajab Gajab: 3 KM लंबी...10 हजार रहते हैं लोग, इस देश में है दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग, घूमने में लगता है 1 घंटा

यूक्रेन में स्थित यह दुनिया की सबसे लंबी आवासीय इमारत है जो करीब 3 किलोमीटर लंबी है। इसमें 3,000 से ज्यादा फ्लैट और लगभग 10,000 लोग रहते हैं। 1969 में शुरू होकर 11 साल में बनी यह इमारत आकार और डिजाइन के कारण एक छोटे शहर जैसी लगती है। इसके एक छोर से दूसरे छोर पर जाने में 1 घंटा लग जाता है।

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3 KM लंबी...10 हजार रहते हैं लोग, इस देश में है दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग (फोटो: एआई)

यह इमारत इतनी बड़ी है कि इसे देखकर लगता है जैसे कोई पूरा शहर दीवार की तरह खड़ा हो गया हो। पश्चिमी यूक्रेन में बनी यह दुनिया की सबसे लंबी आवासीय इमारत लगभग 3 किलोमीटर तक फैली हुई है। इसमें 3,000 से ज्यादा फ्लैट हैं और करीब 10,000 लोग रहते हैं यानी इतनी आबादी जितनी कई छोटे शहरों में भी नहीं होती। इस इमारत का निर्माण साल 1969 में सोवियत काल के दौरान शुरू हुआ था। यह काम आसान नहीं था इसलिए इसे पूरा होने में लगभग 11 साल लग गए। इसके डिजाइन की कल्पना आर्किटेक्ट आर. जी. मेटेलनित्स्की और वी. के. मालोवित्सा ने की थी। जब यह बनकर तैयार हुई तो यह सोवियत संघ की सबसे लंबी आवासीय इमारत बन गई और अगले कई दशकों तक उसका यह रिकॉर्ड बना रहा।

मुख्य भाग लगभग 1.75 किलोमीटर लंबा

हालांकि इसका मुख्य भाग लगभग 1.75 किलोमीटर लंबा है, लेकिन इससे जुड़े अतिरिक्त हिस्से इसे करीब 3 किलोमीटर तक लंबा बना देते हैं। सीपीजी नामक एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक जमीन से देखने पर इसका असली आकार समझना मुश्किल पड़ता है लेकिन ऊपर से देखने पर इसका अनोखा 'मधुमक्खी छत्ते जैसा' फैलाव साफ दिखाई देता है। ऐसा अंदाजा लगाया जाता है कि अगर कोई व्यक्ति सामान्य गति से एक छोर से दूसरे छोर तक चले, तो उसे लगभग 1 घंटा लग सकता है। इमारत इतनी बड़ी है कि इसकी शुरुआत में लोग अपने ही फ्लैट ढूंढ़ने में परेशान हो जाते थे।

इसी वजह से बाद में हर सेक्शन के लिए एक खास एड्रेसिंग सिस्टम बनाया गया, ताकि लोगों को अपने घर और रास्ते आसानी से मिल सकें। इस परिसर में सैकड़ों एंट्रेंस, हजारों खिड़कियां और अनगिनत गलियारे हैं, जो इसे एक मिनी सिटी जैसा बना देते हैं। आज भी यहां हजारों लोग रहते हैं लेकिन युद्ध की वजह से हालात थोड़ा मुश्किल हैं। यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष का सीधा प्रभाव इस इमारत पर नहीं पड़ा, फिर भी खतरा बना रहता है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इमारत को अब तुरंत मरम्मत और संरक्षण की जरूरत है, लेकिन युद्ध के समय संसाधन मिलना आसान नहीं है।

दुनिया भर के लोगों और वास्तुकारों के लिए आज भी एक बड़ी जिज्ञासा

फिर भी इसे बचाने और संरक्षित रखने की कोशिशें की जा रही हैं। एक स्थानीय ट्रैवल एजेंसी ने इसकी छत पर गाइडेड टूर और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है ताकि उससे मिलने वाली कमाई से मरम्मत का खर्च निकाला जा सके। अपनी विशालता, अनोखी डिजाइन और इतिहास की वजह से यह इमारत दुनिया भर के लोगों और वास्तुकारों के लिए आज भी एक बड़ी जिज्ञासा बनी हुई है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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