India First Bike Owner: भारत में सबसे पहले मोटरसाइकिल किसने खरीदी, यह सवाल आजकल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस सवाल के जवाब में अक्सर दो नाम सामने आते हैं – राजा राजेंद्र नारायण सिंह देव और बृजमोहन लाल मुंजाल (brijmohan lal munjal) लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग और दिलचस्प है। राजा राजेंद्र नारायण सिंह देव (raja rajendra singh dev) का नाम सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है। कहा जाता है कि उन्होंने 1903 के आसपास भारत में पहली मोटरसाइकिल खरीदी थी। वे ओडिशा के पटना (बलांगिर) क्षेत्र के राजा थे।
दावे के पक्के सबूत उपलब्ध नहीं
उस समय मोटरसाइकिल एक नई और महंगी चीज थी, जिसे केवल अमीर लोग ही विदेश से मंगवा सकते थे। यही वजह है कि यह कहानी लोगों को काफी आकर्षक लगती है और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती है। हालांकि, इस दावे के पक्के सबूत उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी ओर, बृजमोहन लाल मुंजाल का नाम भी कुछ जगहों पर लिया जाता है। वे हीरो ग्रुप के संस्थापक थे और भारत में साइकिल व मोटरसाइकिल उद्योग (bike history india) को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान रहा है। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने 1940 के दशक में मोटरसाइकिल खरीदी थी।
लेकिन यह दावा भी ज्यादा मजबूत नहीं माना जाता, क्योंकि उन्हें मुख्य रूप से बाइक बनाने वाले उद्योगपति के रूप में जाना जाता है, न कि पहली बाइक खरीदने वाले व्यक्ति के रूप में। अगर सच्चाई की बात करें, तो भारत में सबसे पहली मोटरसाइकिल किसने खरीदी, इसका कोई पक्का और आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। ब्रिटिश शासन के समय ही अंग्रेज अधिकारी और कुछ अमीर लोग मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करने लगे थे। इसलिए यह तय करना मुश्किल है कि सबसे पहले किस भारतीय ने इसे खरीदा।
