नई दिल्ली: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि जो लोग सार्वजनिक रूप से अमेरिका विरोधी नारे लगाते हैं,उन्हें भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करते समय अधिक जांच का सामना करना पड़ सकता है।
सर्जियो गोर ने कहा कि अब ऐसा नहीं चलेगा कि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर “Death to America” लिखे और बाद में अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने पहुंच जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हर देश को यह तय करने का अधिकार है कि किसे अपने यहां प्रवेश की अनुमति दी जाए। गोर ने अमेरिकी वीजा प्रक्रिया की तुलना भारत की वीजा स्क्रीनिंग से करते हुए कहा कि भारत भी आवेदकों से कई तरह के सवाल पूछता है और कुछ लोगों को वीजा देने से इनकार करने का अधिकार रखता है।
भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग पर भी बोले
अमेरिकी राजदूत ने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि NASA ने भविष्य के चंद्र मिशनों में ISRO को शामिल होने का निमंत्रण दिया है। गोर के मुताबिक,भारत के पास इन मिशनों में योगदान देने की क्षमता है।भारतीय मीडिया की रिपोर्टिंग पर सवाल
इस दौरान उन्होंने भारतीय मीडिया के एक धडे की रिपोर्टिंग की भी आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि कुछ खबरें वास्तविकता से काफी अलग होती हैं। उन्होंने अमेरिका में फेक न्यूज की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में रिपोर्ट की जाने वाली कुछ बातें भी तथ्यों के काफी करीब नहीं होतीं।
100% टैरिफ की खबरों पर भी टिप्पणी
भारत पर प्रस्तावित 100 फीसदी अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी खबरों पर गोर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या व्हाइट हाउस को सार्वजनिक रूप से इस तरह के टैरिफ का समर्थन करते नहीं देखा है। वहीं,हाल की रिपोर्टों के मुताबिक गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी कहा है कि डील के ज्यादातर हिस्सों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।
मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर क्या बोले?
अपने संबोधन के दौरान गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर भी एक दावा किया। उन्होंने कहा कि भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से बैठक के बाद मीडिया के सवाल न लेने का अनुरोध किया गया था,लेकिन ट्रंप ने बाद में पत्रकारों को सवाल पूछने का मौका दे दिया। भारतीय सरकार या विदेश मंत्रालय की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सर्जियो गोर की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार,टैरिफ,वीजा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर लगातार बातचीत चल रही है।
