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भारत में अंडा भुर्जी, तो पाकिस्तान में क्या कहते हैं? जवाब जानकर उड़ जाएंगे तोते

Indian Pakistani Food: भारत और पाकिस्तान में आमलेट या अंडे की भुरजी लगभग एक जैसा ही बनाया और खाया जाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि पाकिस्तान में इसे अलग नाम से जानते हैं। खासकर अंडा भुरजी को। यह दोनों देशों में ज्यादा मसालेदार और देसी स्टाइल में तैयार किया जाता है।

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एक ही डिश के दो नाम! (Photo: iStock)

Anda Bhurji vs Khagina: भारत और पाकिस्तान की खानपान संस्कृति काफी हद तक एक जैसी है। यही वजह है कि कई खाने दोनों देशों में लगभग एक ही नाम और तरीके से जाने जाते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है अंडे की भुरजी है, जिसे हम रोजमर्रा की जिंदगी में नाश्ते या फिर खाने के रूप में खाते हैं। भारत में इसे अंडा भुरजी या अंडे की भुरजी कहा जाता है। यह अंडे से बनने वाला एक आसान और जल्दी तैयार होने वाला व्यंजन है। आम तौर पर इसमें अंडा, नमक, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और मसाले मिलाए जाते हैं।

पाकिस्तान में कहते हैं खगीना

हर घर और हर इलाके में इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। पाकिस्तान में भी इस डिश को खगीना कहा जाता है। होटल, ढाबों और आम बातचीत में पाकिस्तान के लोग इसे मुख्य रूप से खगीना (Khagina या Khageena) या अंडा खगीना (Anda Khagina) कहते हैं। यानी स्वाद के मामले में दोनों देशों में ज्यादा फर्क नहीं है। लेकिन नाम के मामले में यह फर्क साफ तौर पर देखा जा सकता है। पाकिस्तान में भी यह खास तौर पर घरों में बनाया जाने वाला मसालेदार व्यंजन है।

स्वाद एक, नाम अलग

इसमें अंडे के साथ ज्यादा मसाले, हरी मिर्च और कभी-कभी टमाटर या धनिया डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद थोड़ा अलग और ज्यादा तीखा हो जाता है। स्वाद की बात करें तो दोनों देशों में आमलेट या अंडे की भुरजी का बेसिक तरीका एक जैसा ही है, लेकिन मसालों के इस्तेमाल में थोड़ा फर्क हो सकता है। पाकिस्तान में इसे अक्सर ज्यादा मसालेदार और तीखा बनाया जाता है, जबकि भारत में इसका स्वाद हल्का या मध्यम भी रखा जाता है। कुल मिलाकर, भारत और पाकिस्तान में आमलेट लगभग एक ही डिश है। बस नाम और स्वाद में थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिलता है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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