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अजब: भारत के इस रेलवे स्टेशन का नाम शुरू होते ही हो जाता है खत्म, जानिए कहां है मौजूद

Shortest Name Railway Station of India: हम आपको आज भारत के सबसे छोटे नाम वाले अनोखे रेलवे स्टेशन के बारे में बताएंगे। यह नाम ऐसा है, जिसे सुनकर आप सोच में पड़ जाएंगे। आपको शायद ही यकीन होगा कि भारत के किसी रेलवे स्टेशन का नाम इतना छोटा हो सकता है।

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ईब रेलवे स्टेशन (फोटो साभार- iStock)

Shortest Name Railway Station of India: देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों यात्री ट्रैवल करते हैं। भारत में हर दिन तकरीबन 22 हजार ट्रेनें चलती हैं, इसमें से 13 हजार से ज्यादा यात्री ट्रेनें हैं। भारत में हजारों रेलवे स्टेशन भी मौजूद हैं, जहां पहुंचकर यात्री अपने ट्रेन पकड़ते हैं। हर रेलवे स्टेशन का अपना अलग नाम है। भारत में कई रेलवे स्टेशन ऐसे भी हैं, जहां से हर दिन सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं तो कुछ स्टेशनों से मात्र 1-2 ट्रेनें ही गुजरती हैं।

सबसे छोटे नाम वाला रेलवे स्टेशन

भारत में रेलवे स्टेशन के तरह-तरह के नाम हैं। इनमें से कुछ नामों को लेना कठिन है तो कई नाम बेहद ही आसान हैं। कई नाम सुनकर यात्री हैरान रह जाते हैं। हम आपको आज भारत के सबसे छोटे नाम वाले अनोखे रेलवे स्टेशन के बारे में बताएंगे। यह नाम ऐसा है, जिसे सुनकर आप सोच में पड़ जाएंगे। आपको शायद ही यकीन होगा कि भारत के किसी रेलवे स्टेशन का नाम इतना छोटा हो सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस रेलवे स्टेशन का नाम शुरू होते ही खत्म हो जाता है। सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि इस रेलवे स्टेशन के नाम में मात्र दो अक्षर हैं।

रेलवे स्टेशन के नाम में मात्र दो अक्षर

भारत के इस रेलवे स्टेशन का नाम ईब है। अंग्रेजी में इस रेलवे स्टेशन को IB लिखा जाता है। यह रेलवे स्टेशन ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में स्थित है। देश का सबसे छोटा नाम वाला यह रेलवे स्टेशन टाटानगर-बिलासपुर खंड पर मौजूद है। इस रेलवे स्टेशन का नाम एक नदी के नाम पर रखा गया है। जिसका नाम भी ईब है।आपको बता दें कि इस रेलवे स्टेशन पर सिर्फ दो प्लेटफॉर्म हैं। ईब रेलवे स्टेशन देश की आजादी से पहले साल 1891 में बनाया गया है। आपको बता दें कि इस रेलवे स्टेशन से बहुत ही कम ट्रेनें गुजरती हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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