पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और महान क्रिकेटर इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने जेल में बंद अपने पिता की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है और कहा है कि उन्हें ’वहां जान से मारने के लिए खुलेआम’ प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों भाई ’स्काई स्पोर्ट्स’ पर प्रसारित 18 मिनट के एक साक्षात्कार में दिखाई दिए जो इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक एथर्टन ने लिया था। एथर्टन उन दिग्गज 21 क्रिकेटरों में शामिल थे जिन्होंने पाकिस्तान सरकार को पत्र भेजकर इमरान को उचित चिकित्सा मुहैया कराने की अपील की थी।
इमरान को हो रही है मारने का कोशिश
कासिम ने अपने 73 वर्षीय पिता की वर्तमान स्थिति के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ’’वे जो कर रहे हैं उससे स्पष्ट हो जाता है कि वे उन्हें खुलेआम मारने की कोशिश कर रहे हैं। वे जितना संभव हो उन्हें जेल में रखना चाहते हैं और उन्हें विश्वास है कि वे उनकी आवाज दबा देंगे।’’ उन्होंने कहा, ’’हाल में जब हमारे रिश्तेदारों ने उनसे मुलाकात की थी तो उन्होंने (इमरान) कहा था कि हालात बेहद खराब हो गए हैं। वह इसकी तुलना उन अन्य राजनीतिक कैदियों से कर रहे थे जिन्हें मार दिया गया है या जिनकी जेल में मौत हो गई है।’’
एक कोठरी में अलग रखा जाता है
कासिम ने कहा, ’’अभी स्थिति पहले से भी बदतर है। उन्हें दिन में 23 घंटे से अधिक समय तक एक कोठरी में पूरी तरह से अलग-थलग रखा जाता है।’’
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार गुरुवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के लंच के दौरान प्रसारित किए गए इस इंटरव्यू से नाराज पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच आगे नहीं खेलने पर भी विचार किया। बोर्ड ने इसके बाद प्रसारणकर्ता के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इमरान राजनेता होने के अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक प्रतिष्ठित हस्ती हैं। उनकी कप्तानी में ही पाकिस्तान ने 1992 में अपना एकमात्र वनडे विश्व कप जीता था।
नहीं माना गया कोर्ट का भी आदेश
हाल ही में पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इमरान की चिकित्सा जांच की गई। उन्हें इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जांच के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। सुलेमान ने कहा कि इमरान की जांच स्वतंत्र डॉक्टरों द्वारा नहीं की गई है। उन्होंने कहा, ’’इससे हमें बस यह सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि वे क्या छिपा रहे हैं। वे किसी निष्पक्ष, तटस्थ डॉक्टर से उनकी जांच क्यों नहीं करवा रहे हैं।’’
सुलेमान ने कहा, ’’जब अदालत ने चिकित्सा जांच का आदेश दिया था, तब हमारी कुछ उम्मीद बंधी थी लेकिन हमारी आशंकाएं तब सच साबित हुईं जब उन्हें निजी अस्पताल ले जाने के बजाय सरकारी अस्पताल ले जाया गया और फिर उन्हें जेल वापस भेज दिया गया।’’उन्होंने कहा, ’’चोट लगने के कारण उनकी आंख पर पट्टी बंधी हुई थी। वह काफी तनाव में दिख रहे थे। मैंने उन्हें जितनी बार भी देखा है, वह हमेशा शांत और आत्मविश्वास से भरे हुए नज़र आए हैं।’’ इन दोनों भाइयों ने कहा कि उन्होंने इमरान को 2022 के बाद अपने सामने नहीं देखा है। उनसे फोन पर उनकी आखिरी बातचीत इस साल मार्च में हुई थी। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया।
