आज हम आपको हमारे देश की सबसे लंबी ट्रेन यात्रा के बारे में बताएंगे। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि एक बार चलने के बाद यह भारतीय ट्रेन 75 घंटे के बाद ही रुकती है।
भारतीय ट्रेन की यह यात्रा इतनी अधिक लंबी है, जिसे पूरी करते समय यात्री ट्रेन पर बैठे-बैठे एक तरह से थक जाते हैं। आपको बता दें कि यात्रा के दौरान ट्रेन 9 राज्यों से गुजरती है। ये राज्य हैं- असम, नागालैंड, बिहार, बंगाल, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु।
इस दौरान यह ट्रेन कुल 4,189 किलोमीटर की दूरी तय करती है। आपको बता दें कि इस ट्रेन में 19 कोच लगे हुए हैं। जिसमें सैकड़ों यात्री बैठकर अपने गंतव्य तक जाते हैं।
इस ट्रेन का कनेक्शन स्वामी विवेकानंद से है। क्योंकि, रेल मंत्रालय ने साल 2011-12 में स्वामी विवेकानंद के 150वें जन्मदिन पर इस ट्रेन को चलाने की घोषणा की थी।
भारत की सबसे लंबी दूरी वाली इस ट्रेन का नाम विवेक एक्सप्रेस है। स्वामी विवेकानंद से जुड़े होने की वजह से इसका नाम 'विवेक एक्सप्रेस' रखा गया। हर दो दिन में यह ट्रेन चलती है।
यह ट्रेन असम के डिब्रूगढ़ से शुरू होती है और तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक जाती है। इस दौरान भारत की यह ट्रेन 59 स्टेशनों पर यात्रियों को उतारते हुए और चढ़ाते हुए अपन सफर पूरा करती है।
अरोनाई एक्सप्रेस भारत की दूसरी सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेन है। त्रिवेंद्रम सेंट्रल से शुरू होकर यह ट्रेन सिलचर तक जाती है। इस दौरान ट्रेन 3,932 किमी की दूरी तय करती है, जिसमें 74 घंटे 44 मिनट का समय लगता है।