Viral Video: ओडिशा के बारिपदा से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी अस्पतालों (Odisha hospital viral video) में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को स्कैन कराने के लिए अस्पताल प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली, तो बेटे को अपनी मां को कंधे पर उठाकर स्कैन सेंटर तक ले जाना पड़ा। मामला मयूरभंज जिले के बारिपदा स्थित पीआरएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का है।
शालाबनी गांव की रहने वाली 75 वर्षीय दामिमानी पात्रा को तेज बुखार के कारण अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने चेस्ट स्कैन कराने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि बुजुर्ग महिला को स्कैन सेंटर तक ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से कई बार स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मांग की गई। लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में परिजन बुजुर्ग महिला को पैदल स्कैन सेंटर की ओर ले जाने लगे।
मां को कंधे पर उठाकर बेटा ले गया स्कैन सेंटर
रास्ते में महिला की तबीयत और बिगड़ गई और वे आगे चलने में असमर्थ हो गईं। इसके बाद उनके बेटे धनेश्वर पात्रा ने अपनी मां को कंधे पर उठाया और अस्पताल परिसर में स्कैन सेंटर तक पहुंचाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर गया। घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन की कड़ी आलोचना की है।
लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला
लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद मरीजों को नहीं मिल रही हैं, तो यह गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला है। एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बारिपदा की यह तस्वीर सिस्टम की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। सवाल यह है कि आखिर मरीजों को बुनियादी सुविधाएं देने की जिम्मेदारी किसकी है और इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई होगी?
