Viral Video: विदेशों में भारत को लेकर कई गलत धारणाएं फैली हुई हैं। एक विदेशी कपल ने दिल्ली, जयपुर, उदयपुर और गोवा घूमने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। उन्होंने ‘मिथ बनाम रियलिटी’ के जरिए बताया कि भारत की असली तस्वीर लोगों की सोच से काफी अलग और बेहतर है। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा: अक्सर सोशल मीडिया या फिल्मों के आधार पर लोग भारत के बारे में कई धारणाएं बना लेते हैं। लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा अलग और दिलचस्प है। सबसे पहले, कई लोग कहते हैं कि 'भारत गंदा और अव्यवस्थित है।' सच यह है कि भारत तेजी से विकास कर रहा है। यहां आपको कई साफ-सुथरे और अच्छी तरह व्यवस्थित इलाके मिलेंगे, खासकर दिल्ली के न्यू दिल्ली इलाके में। हर जगह एक जैसी नहीं होती।
कपल ने 8 प्वाइंट्स में आसानी से समझाया
कुछ लोग मानते हैं कि 'भारत अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है।' हालांकि कुछ जगहें भीड़भाड़ वाली और थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, फिर भी हर साल बहुत सी महिलाएं अकेले भारत घूमने आती हैं। ज्यादातर लोग मिलनसार और जिज्ञासु होते हैं। दक्षिण भारत अपेक्षाकृत शांत है, जबकि उत्तर भारत थोड़ा व्यस्त और तेज रफ्तार वाला है। अगर आप जानकारी लेकर और सावधानी से यात्रा करें तो अनुभव शानदार हो सकता है। यह भी कहा जाता है कि 'हर जगह भिखारी ही भिखारी हैं।' गरीबी भारत में है, लेकिन यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई देशों में गरीबी देखने को मिलती है। इससे पूरे देश को नहीं आंका जा सकता। 'स्ट्रीट फूड गंदा होता है' यह भी एक आम धारणा है। लेकिन सच यह है कि भारत का स्ट्रीट फूड स्वादिष्ट और ताजा होता है।
साफ जगह से खाना लें तो आपको बेहतरीन अनुभव मिलेगा। कुछ लोग सोचते हैं कि 'भारत की सभी ट्रेनें भीड़भाड़ वाली और अव्यवस्थित हैं।' जबकि भारतीय रेल में हर बजट के अनुसार विकल्प हैं। ऊंची श्रेणी में यात्रा करने पर एसी, आरामदायक बिस्तर और खाना भी मिलता है। 'सारा भारतीय खाना बहुत तीखा होता है' यह भी सही नहीं है। आप बिना मिर्च वाला खाना भी आसानी से मांग सकते हैं। बड़े शहरों में पश्चिमी खाना भी उपलब्ध है। 'भारत में सभी शादियां अरेंज मैरिज होती हैं' यह भी एक भ्रम है। आजकल प्रेम विवाह भी बहुत आम हो गए हैं। भारत की विविधता के कारण हर राज्य की अपनी अलग परंपराएं हैं। 'भारत में सभी लोग एक ही भाषा बोलते हैं' यह भी गलत है। भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं और 1600 से ज्यादा बोलियां हैं। यही विविधता भारत को खास बनाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
