Viral Video: सोशल मीडिया पर स्टंटबाजी करते हुए कई लोगों के वायरल वीडियो आपने देखे होंगे। इस बार भी एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी और सड़क पर दूसरों की जान जोखिम में डाल रहा है। ये शख्स चलती हुई कार की छत पर खड़े होकर वीडियो बनवा रहा था जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुंबई पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए संबंधित थाने को सूचित किया।
X पर वायरल हो रहा वीडियो
एक्स पर वायरल हो रहे इस वीडियो में गाड़ी चला रहा व्यक्ति गेट खोलकर चलती कार से बाहर निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के आगे बढ़ने के बाद कैमरा मूव करता है और शख्स राजस्थान नंबर प्लेट वाली सफ़ेद रंग की स्विफ्ट कार के ऊपर चढ़ता है। डियो के अंत में उसे चलती कार की छत पर खड़ा देखा जा सकता है इस दौरान स्टीयरिंग संभालते हुए भी कोई नहीं दिखता है। बहरहाल, टाइम्स नाउ नवभारत इस प्रकार के वायरल वीडियो या दावों की पुष्टि नहीं करता है। 28 मई को वीडियो के शेयर किए जाने के बाद से इसे अब तक 1.1 मिलियन से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रवाई के लिए झालावाड़ पुलिस और राजस्थान पुलिस को टैग किया है। झालावाड़ पुलिस ने लिखा कि, 'मुंबई पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया और संबंधित पुलिस स्टेशन को उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए सूचित किया।'
यूजर्स ने भी दी प्रतिक्रिया
वायरल हो रहे वीडियो के बाद कई लोगों ने इस पर अपने विचार प्रस्तुत किए। एक यूजर ने कहा कि, 'यह व्यवहार अन्य निर्दोष नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं है, यह उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के लिए पर्याप्त आधार है। हम पहले ही देख चुके हैं कि हाल ही में पुणे पोर्श में नशे में गाड़ी चलाने की घटना में क्या हुआ था।' दूसरे यूजर ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि, 'कार का रंग बदला हुआ, शीशे काले और लापरवाही से गाड़ी चलाना। उसे वाकई जेल जाना चाहिए।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'जीवन आपके, परिवार और देश के लिए बहुत कीमती और मूल्यवान है। इसे इस तरह बर्बाद और जोखिम में नहीं डालना चाहिए !' वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि, 'लोग सोशल मीडिया पर मात्र व्यूज/फॉलोअर्स के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में क्यों डालते हैं? कुछ मजबूत उदाहरण स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि दूसरे लोग ऐसी हरकतें न करें।'
