Viral Post: सोशल मीडिया इन दिनों एक पोस्टर काफी वायरल हो रहा है। इसमें कैब ड्राइवर द्वारा यात्रियों के लिए बनाए गए छह नियमों की सूची है। इसे पढ़ने के बाद रेडिट पर यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है। एक ओर कुछ लोगों ने ड्राइवर की आलोचना की तो वहीं, कई लोगों ने असभ्य सवारियों के खिलाफ कदम उठाने के लिए उसकी सराहना की। ड्राइवर ने सवारियों की सहूलियत के लिए छह नियमों की सूची को प्रिंट करके आगे की यात्री सीट पर टांग दिया है। पोस्टर में यात्रियों से विनम्र और सम्मानजनक तरीके से बातचीत करने और उन्हें 'भइया' कहने की मांग की गई है। कैब ड्राइवर ने यात्रियों को यह भी याद दिलाया कि वे वाहन के मालिक नहीं हैं। उनके दिशा-निर्देशों में लिखा था, 'कैब चलाने वाला व्यक्ति कैब का मालिक है।'
सीटर के ऊपर ही टंगी लिस्ट में ड्राइवर ने लिखा कि लोग उसे 'एटीट्यूड' न दिखाएं। नियम नंबर चार में लिखा था: 'अपना एटीट्यूड अपनी जेब में रखें। कृपया मुझे न दिखाएं क्योंकि आप हमें ज़्यादा पैसे नहीं दे रहे हैं।' अन्य मांगों में ड्राइवर ने लिखा कि, 'यात्री धीरे से दरवाज़ा बंद करें, विनम्रता से बात करें, और उसे संबोधित करते समय भइया शब्द का प्रयोग न करें। उनका आखिरी नियम सबसे महत्वपूर्ण था, जिसे लाल रंग से दर्शाया गया था। यहां, कैब ड्राइवर ने कहा कि, 'समय पर पहुंचने के लिए गाड़ी तेज चलाने के लिए न कहें।'
इस सूची को Reddit पर एक यूज़र ने शेयर किया, इसमें लिखा था कि, 'मैंने एक कैब बुक की है और कैब ड्राइवर ने कैब पर कुछ दिशा-निर्देश बताए हैं! आप इन दिशा-निर्देशों के बारे में क्या सोचते हैं? अनुचित तो नहीं, लेकिन...' जैसे ही ये लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई लोगों के बीच एक बहस शुरू हो गई। किसी ने कहा कि, 'सीमाएं तय करने में कुछ भी गलत नहीं है...' तो वहीं, कुछ यूज़र्स 'भइया' न कहने वाले नियम से परेशान दिखे।
एक रेडिट यूजर ने पूछा, 'अधिकांश बातें उचित हैं, लेकिन इसका क्या मतलब है - हमें भैया मत कहो?' दूसरे ने कहा कि, 'जब तक ड्राइवर खुद सम्मानजनक व्यवहार करता है, मुझे दिशा-निर्देशों में कुछ भी गलत नहीं लगता। जहां तक भइया वाले हिस्से की बात है, तो मुझे लगता है कि यह अजीब लगता है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्हें उनकी क्षेत्रीय भाषा में जो भी नाम ठीक लगता है, उससे पुकारने में कुछ भी गलत है।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'यह देखते हुए कि वह खुद दक्षिण में ऑटो और कैब ड्राइवरों को अन्ना कहकर संबोधित करता है।' कुछ लोगों ने ये भी कहा कि, सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए। जब तक यह आपसी सम्मान के लिए कहा जाता है, यह बिल्कुल ठीक है। और दरवाजा धीरे से बंद करना और ड्राइवर को परेशान न करना जैसी बातें बुनियादी शिष्टाचार हैं।' हालांकि, कुछ यूजर्स ने ड्राइवर की कुछ बातों से अहमति जताते हुए कहा कि, 'शुरुआत तो ठीक थी, लेकिन अंत में यह सिर्फ़ एक काल्पनिक अहंकार और अधिनायकवादी रवैये से भर गया!'
