आज के समय में जहां लोग अपनी जरूरतों के लिए भी सोच-समझकर खर्च करते हैं। वहीं मदुरै की 76 साल की एक बुजुर्ग महिला ने इंसानियत और पशु प्रेम की एक अनोखी मिसाल पेश की है। वह पिछले 10 सालों से अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा बंदरों को खिलाने में खर्च कर रही हैं। फिलहाल उनका एक वीडियो (Video) इस वक्त सामने आया है, जिसमें वे बंदरों को खाना खिलाते दिख रही हैं।
दादी अपने पेंशन से 400 बंदरों को खिलाती हैं खाना
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस बुजुर्ग महिला का नाम मालथी है। जो साल 2015 से तिरुप्पारनकुंड्रम इलाके में रहने वाले बंदरों को हर रोज खाना खिलाती हैं। हर शनिवार को वे अलग-अलग जगहों पर जाती हैं, जहां उनके बुलाने पर 350 से 400 बंदर इकट्ठा हो जाते हैं। यह नजारा देखने वाला हर कोई हैरान रह जाता है। इतनी उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उनका यह जुनून कभी कम नहीं हुआ है। वह खुद जाकर बंदरों को खाना खिलाती हैं और उनकी देखभाल करती हैं। उनके लिए ये बंदर सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि उनके परिवार का हिस्सा बन चुके हैं।
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दादी कई अहम पदों पर दे चुकी हैं अपनी सेवाएं
मालथी ने अपना जीवन दूसरों की सेवा में समर्पित कर दिया है। गांधीग्राम यूनिवर्सिटी में फिजिकल एजुकेशन डायरेक्टर के तौर पर काम करने, कोडाइकनाल के एक इंटरनेशनल स्कूल में सेवा देने और तमिलनाडु पुलिस विभाग में 33 साल बिताने के बाद, वह 2010 में रिटायर हो गईं थीं। आज सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोग उन्हें ‘रियल हीरो’ और ‘मदर ऑफ मंकीज’ कहकर सम्मान दे रहे हैं।
बता दें कि पशु प्रेमियों के लिए जानवर केवल साथी ही नहीं होते, बल्कि उनके लिए एक इमोशनल सपोर्ट भी होते हैं। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जानवरों के साथ समय बिताने से तनाव कम होता है और मन को शांति मिलती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जानवरों के साथ समय बिताने से शरीर में ‘ऑक्सीटोसिन’ यानी खुशी का हार्मोन बढ़ता है और ‘कोर्टिसोल’ यानी तनाव का हार्मोन कम होता है। इससे चिंता और अवसाद में राहत मिलती है।
