Viral Video: मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, अगर आपके इरादे मजबूत हैं तो आपको कोई नहीं हरा सकता। आपकी कड़ी मेहनत के आगे मुश्किलों को झुकना ही पड़ता है। इस बात को साबित कर दिखाया है यूपी के गोरखपुर की रहने वाली महिला दिव्या सिंह ने। उन्होंने 14 दिनों तक साइकिल चलाकर कठिन रास्तों और खराब मौसम का सामना करते हुए एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने का कारनामा कर दिखाया है।
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सारी परेशानियों को मात देकर 14 दिनों में तय की यात्रा
दिव्या सिंह ने साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचने के लिए नेपाल की राजधानी काठमांडू से अपना सफर शुरू किया। जिसे उन्होंने 14 दिनों में पूरा कर लिया। इस दौरान उन्हें ठंडी हवाएं, ऊंचे पहाड़ और महीन ऑक्सीजन जैसी कई समस्याओं ने परेशान किया लेकिन वे अपनी मंजिल के लिए डटी रहीं और अपने मुकाम तक पहुंचने के लिए हर रोज 10 -12 घंटे तक साइकिल चलाई।
जब रास्ता मुश्किल हुआ तो कंधे पर उठाई साइकिल
दिव्या सिंह के 14 दिनों की इस यात्रा में उन्हें पहाड़ों पर कुछ रास्ते इतने कठिन मिले कि वहां साइकिल चलाना लगभग असंभव था। ऐसे में दिव्या सिंह ने हार ना मानते हुए अपनी साइकिल को कंधे पर उठाकर पैदल चलीं और अपने सफर को पूरा किया। उन्हें उस वक्त सिर्फ एवरेस्ट बेस कैंप दिख रहा था, जहां पहुंचना उनका लक्ष्य था। जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, वैसे-वैसे ऑक्सीजन कम होती गई। ऐसे में चलना तो क्या सांस भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही थकान, ठंड और ऊंचाई से होने वाली बीमारीयों का भी खतरा बना रहता है लेकिन इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए दिव्या सिंह पूरी हिम्मत से अपनी मंजिल तक पहुंचने में कामयाब रहीं। फिलहाल यह वीडियो ट्रेंडिंग (Trending Video) में है।
लोगों ने दी बधाई
जब दिव्या सिंह आखिरकार एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं, तो वह पल बहुत ही खास और भावुक कर देने वाला था। वहां उन्होंने अपनी साइकिल के साथ भारतीय तिरंगा लेकर तस्वीर खिंचवाई। उनकी इस उपलब्धि का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया, जिसे इंस्टाग्राम पर @rust_bullet नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि दिव्या सिंह एवरेस्ट बेस कैंप पर साइकिल से पहुंचने वाली भारत की पहली और विश्व की दूसरी महिला बन चुकी हैं। इस वीडियो को लोगों ने खूब पसंद किया है। दिव्या सिंह की इस उपलब्धि पर लोगों ने उन्हें खूब बधाई भी दी है और लोगों ने इसे भारत और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का पल बताया है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
