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अजबः इस अनोखे कैफे में जाते ही चकरा जाएगा दिमाग, अंदर का नजारा देख उल्टे पांव भाग जाएंगे

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 13, 2023, 12:58 AM IST

अहमदाबाद के में टॉयलेट थीम पर एक कैफे बना है, जिसे देखने के बाद आपका सिर चकरा जाएगा। इस कैफे में बैठने वाले कुर्सियों की जगह टॉयलेट कमोड लगाई गई है, जिस पर लोग बैठकर खाना खाते हैं।

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अहमदाबाद का टॉयलेट कैफे (फोटो साभार - ट्विटर)

KEY HIGHLIGHTS
  • अहमदाबाद में बना है अनोखा कैफे
  • टॉयलेट थीम पर बैस्ड है यह रैस्टोरेंट
  • यहां कमोड पर बैठते हैं लोग

Toilet Cafe Ahmedabad: भारत एक ऐसा देश है, जहां आपको हर कदम पर कुछ न कुछ नया देखने को मिल जाएगा। यहां की संस्कृति व आधुनिकता किसी से छिपी नहीं है। इस देश के लोग मॉडर्न जमाने के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना जानते हैं, जिसका परिणाम भी हमें देखने को मिलता है। इसी क्रम में आज हम एक ऐसी जगह के बारे में बात करेंगे, जो काफी खास और बेहद अनोखा है। तो आइए जानते हैं इस अनोखी जगह के बारे में...

दरअसल, हम जिस जगह के बारे में बात कर रहे हैं वह एक रेस्टोरेंट है, जो गुजरात के अहमदाबाद शहर में स्थित है। इसे एक एनजीओ संस्था द्वारा संचालित किया जाता है, जो सुनने में तो अनोखा है ही, उससे भी ज्यादा अनोखा यह देखने में है। इस रेस्टोरेंट का नाम टॉयलेट कैफे (Toilet Cafe) है। नाम सुनते ही हो गए ना हैरान, आइए अब यहां के फीचर्स यानी सर्विस के बारे में बात करते हैं। यहां बैठने के लिए कुर्सी के स्थान पर वेस्टर्न स्टाइल कमोड लगाए गए हैं। जी हां, कमोड.. सुनकर अजीब लग रहा है न। टॉयलेट की सीट पर बैठकर खाना थोड़ा अलग एक्सपीरियंस होगा, लेकिन चाहे तो इसे एंजॉय कर सकते हैं।

Toilet Garden Ahmedabad

टॉयलेट गार्डन (फोटो साभार - ट्विटर)

स्वच्छता अभियान को दर्शाता है ये कैफे

जयेश भाई पटेल द्वारा संचालित यह कैफे लोगों को स्वच्छता प्रणाली के महत्व के बारे में जागरूक करता है। इतना ही नहीं, इस रेस्तरां के बाहर निकलने पर आपको एक बगीचा दिखाई देगा, जिसका नाम टॉयलेट गार्डन (Toilet Garden) है। इन दोनों को बनाने का उद्देश्य भारत में स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करना है।

कई सेलिब्रिटियों ने किया है दौरा

इस अजीबो-गरीब रेस्तरा में अब तक कई प्रसिद्ध व्यक्ति आ चुके हैं। इनमें मंत्री, राजनेता, व्यापारी और अभिनेता शामिल है। शाम के समय हर रोज यहां सिनेमा देखा जा सकता है, इसकी व्यवस्था कैफे द्वारा की गई है। दरअसल, जिस एनजीओ द्वारा इस कैफे को संचालित किया जाता है, उस एनजीओ की मीटिंग के लिए सभी सदस्य यहां इकट्ठे होते हैं और शाम को एकसाथ बैठकर फिल्म देखते हैं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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