Food Inflation: देश में खाद्य सामग्रियों के लगातार बढ़ रही कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच, कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर महंगाई को लेकर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 12 साल से भाजपा की सरकार है और अच्छे दिनों का आलम ये है कि कभी दाल, कभी सब्जी, कभी तेल, कभी चीनी आम आदमी का बजट बिगाड़ देती है।
मोदी सरकार पर बरसे खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान खाद्य सामग्रियों की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंता व्यक्त की और पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान चीनी, प्याज, तेल इत्यादि की क्या कीमतें थीं, उसकी जानकारी देते हुए एक चार्ट जारी किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''ध्यान भटकाने वाले स्टंट और बेतुकी बातों में उलझाकर, भाजपा अपनी करतूतों से पूछा छुड़ाना चाहती है, पर कांग्रेस और जनता महंगाई पर सवाल पूछती रहेगी! त्योहारों पर आम आदमी की रसोई का हिसाब देखिए।'' उन्होंने कहा कि प्याज के दाम सालभर में 59 फीसदी तक बढ़े, कई शहरों में 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक प्याज की कीमतें पहुंच गईं।
उन्होंने कहा कि चीनी 60 से 70 रुपये प्रति किलो, कहीं पर 72 रुपये प्रति किलो और सरसों का तेल 200 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। खाद्य महंगाई 5.52 प्रतिशत, जबकि होलसेल महंगाई 9.78 फीसदी तक बढ़ गई है।
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इससे पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए तीखे सवाल पूछे थे। उन्होंने कहा था, ''त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है।''
उन्होंने कहा था, ''दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी ड्यूटी फ्री आयात करने तक कैसे पहुंच गई? तीन महीने में चीनी करीब 40 फीसदी महंगी हो गई- त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है? जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए इथेनॉल बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही?''
