Viral Video: क्या आपने कभी सोचा है कि सैकड़ों साल पुराने और सैकड़ों टन वजनी किसी विशालकाय किले को बिना क्रेन या भारी बुलडोजर के सिर्फ इंसानी हाथों से रस्सियां खींचकर अपनी जगह से हिलाया जा सकता है? शायद आपका जवाब ना ही होगा । लेकिन, तकनीक और अपनी धरोहरों को सहेजने के मामले में दुनिया को हैरान करने वाले देश जापान ने इस असंभव लगने वाले काम को सच कर दिखाया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो (Shocking Video) तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें करीब 1,800 लोग मिलकर 360 टन वजनी एक विशाल ऐतिहासिक किले को रस्सियों से खींचते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सिर पर तौलिया और टोपी पहने सैकड़ों लोग 30 मीटर लंबी रस्सियों को पकड़े हुए पूरी ताकत से जोर लगा रहे हैं। पीछे एक बहुमंजिला विशाल जापानी किला पटरियों और रोलर्स पर टिका हुआ है। जैसे ही 80-80 लोगों की टीमें एक साथ जैसे ही "सो-रे! सो-रे!" के पारंपरिक जापानी नारा लगाते हैं , 360 टन का भारी-भरकम किला धीरे-धीरे आगे की ओर खिसकने लगता है। वीडियो के दूसरे हिस्से में एक रेड पॉइंटर और स्केल दिखाई देता है, जिसमें मिलीमीटर दर मिलीमीटर किला आगे बढ़ते हुए साफ नजर आ रहा है। यह दृश्य देखकर हर कोई दंग रह गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना जापान के ओमोरी प्रांत में स्थित ऐतिहासिक हीरोसाकी किले की है। यह किला 1611 में बनाया गया था और इसे जापान की राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है। दरअसल, भूकंप के कारण किले के निचले हिस्से की मुख्य पत्थर की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। दीवार की मरम्मत करने के लिए 2015 में किले के मुख्य टॉवर को उसकी मूल जगह से 70 मीटर से अधिक दूर खिसकाया गया था। अब जब 2,185 पत्थरों को जोड़कर फाउंडेशन और पत्थरों की दीवार दोबारा पूरी तरह तैयार हो चुकी है, तो इस 360 टन के किले को वापस उसकी असली जगह पर स्थापित किया जा रहा है। देखें वीडियो...
एकता में बल...
वीडियो देखकर एक पल के लिए आपको भी अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो रहा होगा। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। एक्स पर इस वीडियो को doma_s_soba4koj नाम के पेज से शेयर किया गया है। इस वीडियो पर लोग जमकर कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि बिना मशीनों के 360 टन का किला खिसका देना यह साबित करता है कि एकता में कितनी ताकत होती है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि पुराणी धरोहर को बचाने का यह तरीका वाकई काबिले तारीफ है, जापानी संस्कृति और तकनीक को सलाम। तो इस वीडियो पर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।
