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Video: यूं ही बाघ को नहीं बनाया गया भारत का राष्ट्रीय पशु, शिकार करने का टैलेंट देख दांतों तले दबा लेंगे उंगली

Tiger Attack Video: वीडियो में देखा जा सकता है कि बाघ किसी घास के मैदान में मस्तानी चाल में टहल रहा है। उसे पता भी नहीं था कि घासों के बीच एक शिकार छिपा बैठा है। तभी अचानक न जाने कैसे बाघ को अपने शिकार का पता चल जाता है।

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टाइगर का हमला (ट्विटर)

Tiger Attack Video: हम सभी जानते हैं कि बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। आपको बता दें कि बाघ से पहले शेर भारत का राष्ट्रीय पशु था। इसके बाद साल 1973 में बदलकर बाघ को भारत का राष्ट्रीय पशु बना दिया गया। बाघ जंगल के सभी जानवरों में सबसे ज्यादा अपार शक्ति वाला शिकारी जानवर है। ताकत, फुर्ती और बुद्धि के कारण भी बाघ को भारत का राष्ट्रीय पशु बनाया गया है। आज हम आपके लिए एक ऐसा वीडियो लेकर आए हैं, जिसे देखकर आप भी कह उठेंगे कि बाघ को यूं ही भारत का राष्ट्रीय पशु नहीं बनाया गया है।

वीडियो देखकर आप भी होंगे हैरान

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग बाघ के शिकार करने की क्वालिटी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बाघ किसी घास के मैदान में मस्तानी चाल में टहल रहा है। उसे पता भी नहीं था कि घासों के बीच एक शिकार छिपा बैठा है। तभी अचानक न जाने कैसे बाघ को अपने शिकार का पता चल जाता है और वह इतनी जल्दी उस जानवर का शिकार कर लेता है कि उसे पता भी नहीं चल पाता। देखें वीडियो-

IAS अधिकारी संजय कुमार ने इस वीडियो को अपने एक्स अकाउंट से शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'लुका-छिपी जंगल में रोजाना की बात है। कोई भी शिकार जंगल के खूंखार शिकारियों से बचने की पूरी कोशिश करता है और खाद्य श्रृंखला के शीर्ष पर स्थित शिकारी पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखता है। यहां बाघ गंध महसूस कर रहा था, जहां ढिकाला की घास में हिरण का बच्चा छिपा था।' आप देख पाएंगे कि बाघ इतनी तेजी से झपट्टा मारता है कि हिरण का बच्चा समझ भी नहीं पाता। वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक बहस छेड़ दी है। यूजर्स बाघ के प्रभावशाली शिकार कौशल और उसके शिकार को सूंघने की दक्षता पर आश्चर्यचकित हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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