Ratan Tata Death: भारत के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का हाल ही में मुंबई में निधन हो गया था। इसके बाद से ही लगातार देश-दुनिया के तमाम लोग उनको यादकर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं। हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता स्व. अमरीश पुरी के पोते वर्धन पुरी ने दिवंगत रतन टाटा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। वर्धन ने उस समय को याद किया जब उनके दादा रतन टाटा के दोस्त बने थे। अमरीश पुरी और रतन टाटा की तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने दोनों के बीच के मित्रवत् संबंध से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया।
वर्धन ने दिसंबर 1998 का जिक्र करते हुए कहा कि, 'उस वक्त रतन टाटा भारत की पहली स्वदेशी कार टाटा इंडिका को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। हालंकि अमरीश पुरी ज्यादातर समय अपनी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त रहते थे, लेकिन उन्होंने रतन टाटा के अनुरोध को पूरा किया। यहीं से दोनों के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई।' एक फोन कॉल को याद करते हुए वर्धन कहते हैं कि- तब फोन पर रतन टाटा जी ने अमरीश पुरी जी से कहा था कि, मैं भारत की पहली स्वदेशी कार लॉन्च कर रहा हूं। क्या आप मेरे साथ महीने की 30 तारीख को टाटा इंडिका लॉन्च करने की कृपा करेंगे, जो नए साल की पूर्व संध्या से एक दिन पहले है?'
गौरतलब है कि, अभिनेता अमरीश पुरी लगातार डबल शिफ्ट संभालने में पूरी तरह से व्यस्त थे। अमरीश पुरी ने इसे विनम्रता से लेते हुए कहा, 'एक सच्चे दूरदर्शी के लिए कुछ भी। मैं वहां रहूंगा।' दोनों 30 दिसंबर, 1998 को टाटा इंडिका को लॉन्च करने के लिए मौजूद थे, जिसने भारत में कार निर्माण क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला दिया। वर्धन कहते हैं कि उनके दादा के दयालु व्यवहार ने रतन टाटा के दिल को छू लिया और उनका रिश्ता व्यवसाय से दोस्ती में बदल गया। 2005 में अमरीश पुरी की मृत्यु तक दोनों अच्छे दोस्त बने रहे। वर्धन ने खुलासा किया, 'मेरे दादू के निधन पर श्री टाटा ने मेरे पिता राजीव पुरी को जो आश्वस्त करने वाला पत्र लिखा, उससे हम सभी भावुक हो गए।' उन्होंने बताया कि अमरीश पुरी के निधन के बाद भी टाटा परिवार ने उनके परिवार के साथ संबंध बनाए रखे।
रतन टाटा को "असली जीवन का नायक" बताते हुए वर्धन ने उद्योगपति की विरासत पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि उन्होंने समाज और जानवरों के कल्याण सहित उपयोगी कार्यों में बहुत योगदान दिया है। वर्धन ने टाटा के परोपकार पर कहा, 'श्री रतन टाटा साहब, आपकी आत्मा को शांति मिले! सभी जीवित प्राणियों, विशेष रूप से बेजुबानों के लिए आपके अनगिनत योगदानों के लिए दुनिया हमेशा आपकी ऋणी रहेगी।'
